संवाद दाता रामकुमार प्रजापति संभाग ब्यूरो चिप
लंबे समय से गंदे पानी से जूझ रहे ग्रामीणों की परेशानी हुई दूर, प्रकाश इंडस्ट्री ने भी टैंकर से दिया सहयोग
ग्राम केवटाली में लंबे समय से चली आ रही ढोढ़ी के गंदे पानी की गंभीर समस्या का आखिरकार समाधान हो गया है। इस समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए यह एक बड़ी राहत भरी खबर है। समाजसेवी अभय प्रताप की सक्रिय पहल, सतत प्रयास और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के चलते यह कार्य संभव हो सका।
बताया जा रहा है कि गांव के लोग काफी समय से ढोढ़ी के गंदे और दूषित पानी के कारण परेशान थे। इससे न केवल रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही थी, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी लगातार बने हुए थे। कई बार संबंधित विभागों और जिम्मेदार लोगों तक शिकायत पहुंचाई गई, लेकिन समस्या का ठोस समाधान नहीं हो पा रहा था।
इसी बीच समाजसेवी अभय प्रताप ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और स्वयं आगे आकर इसके समाधान के लिए प्रयास शुरू किए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाकर और संबंधित संसाधनों का उपयोग करते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित कराया। उनके इस प्रयास से ढोढ़ी का गंदा पानी हटाया गया और क्षेत्र को साफ-सुथरा बनाया गया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
ग्रामीणों ने बताया कि “हम लोग लंबे समय से इस परेशानी को झेल रहे थे, लेकिन आज पहली बार किसी ने हमारी समस्या को समझकर उसका समाधान किया। अभय प्रताप जी के प्रयास से हमें बहुत बड़ी राहत मिली है।” गांव में अब खुशी और संतोष का माहौल देखने को मिल रहा है।
अभय प्रताप ने अपने कार्य से यह साबित कर दिया कि यदि नीयत साफ हो और प्रयास निरंतर हो, तो किसी भी समस्या का समाधान संभव है। “कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती”—इस कहावत को उन्होंने चरितार्थ कर दिखाया है।
इस सराहनीय पहल में एक और महत्वपूर्ण सहयोग प्रकाश इंडस्ट्री की ओर से मिला है। कंपनी द्वारा लगातार पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इस सहयोग के लिए ग्रामीणों ने कंपनी के निदेशक ए.के. चतुर्वेदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस सामूहिक प्रयास ने न केवल उनकी वर्तमान समस्या का समाधान किया है, बल्कि भविष्य के लिए भी एक सकारात्मक संदेश दिया है कि यदि समाज और संस्थाएं मिलकर काम करें, तो हर समस्या का समाधान संभव है।
कुल मिलाकर, केवटाली में हुआ यह कार्य न केवल एक समस्या का समाधान है, बल्कि जनसेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और सहयोग की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आया है।
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