बलिया: उत्तर प्रदेश आदिवासी खरवार समाज के तत्वाधान में 1857 के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नीलांबर तथा पितांबर खरवार कि शहादत दिवस धूमधाम से बागी बलिया के प्रभा पैलेस शंकरपुर में मनाया गया आदिवासी खरवार समाज ने दोनों शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि नीलांबर-पीतांबर खरवार 1857 की क्रांति में देश की सेवा करते हुए अपने जान की आहुति दे दी परंतु उनके जीवन कथा अधूरी पड़ी हुई है। आदिवासी खरवार समाज के लोगों द्वारा जिलाधिकारी बलिया को चार सूत्री मांग का ज्ञापन जल्द देने की बात कहीं और मांग की जायेगी की नीलांबर खरवार और पीतांबर खरवार की मूर्ति जनपद में स्थापित की जाए साथ ही साथ एकलव्य विद्यालय खोलने और जाति प्रमाण पत्र को जारी करने की अपील की जाएं।
खरवार समाज को संबोधित करते हुए युवा खरवार महासभा बिहार के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्य अतिथि राजेश खरवार ने कहा कि महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नीलांबर पीतांबर खरवार स्वतंत्रता आंदोलन के नीव की ईंट थे। उन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे आज उनके बताए रास्ते पर चलते हुए हमें गर्व हो रहा है हम सरकार से मांग करते हैं कि उनको उचित सम्मान देने के लिए सरकार जनपद के किसी चौराहे पर उनकी मूर्ति लगाऐ।
अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश संरक्षक आदरणीय राघवेंद्र प्रताप खरवार व सूबेदार मेजर जय प्रकाश खरवार ने संयुक्त रूप से कहा कि आदिवासी दलित और पिछड़ों की लड़ाई लड़ने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नीलांबर पीतांबर खरवार ने संघर्ष करते हुए अपनी जान की बाजी लगा दी।उनके विचारों पर चलकर हमें उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देने की आवश्यकता है। और आदिवासी संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल कर्ण पूरी खरवार ने कहा की शहीदों की त्याग और बलिदान को याद करते हुए कहा की युवाओं को वीर नीलांबर और पीताम्बर के पद चिन्हों पर चलने और शिक्षा पर ज़ोर देने को कहा उनके आदर्श आज भी समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं । कार्यक्रम के अध्यक्षता आदरणीय ओमप्रकाश खरवार ने किया।
कार्यक्रम- संचालन आत्म राम शास्त्री और विशाल आनंद खरवार और संतोष खरवार ने किए।
इस कार्यक्रम में मुख्यरूप से युवा खरवार महासभा बलिया के जिला अध्यक्ष निलेश खरवार आशीष खरवार बंटी जय प्रकाश खरवार, अभिषेक खरवार, भोला खरवार, आनंद खरवार , राजू खरवार, सुनील खरवार मास्टर साहब, राजन खरवार, लक्ष्मण खरवार, सूरज खरवार खरवार, राम नाथ खरवार, भानु खरवार, धनंजय खरवार, राजेंद्र खरवार, , दुर्ग विजय खरवार, रामरतन, शशिकांत खरवार, देवेन्द्र खरवार, प्रवीण खरवार, उज्ज्वल खरवार, अशोक खरवार, शिवप्रसाद खरवार, लाखन खरवार,राहुल खरवार, सैंकड़ों आदिलोग उपस्थित हुए।
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