चैत्र नवरात्र की षष्ठी पर माँ कात्यायनी की आराधना, बच्चों की प्रस्तुतियों ने जीता दर्शकों का दिल
संवाद दाता रामकुमार प्रजापति संभाग ब्यूरो चिप
बरौल। चैत्र नवरात्र की षष्ठी तिथि पर आयोजित कुदरगढ़ महोत्सव 2026 का दूसरा दिन भक्ति, आस्था और लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा। माँ दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुए इस आयोजन में सरगुजा अंचल की पारंपरिक लोक कलाओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीणजन और दर्शक कार्यक्रम में शामिल हुए और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत विद्यालयीन बच्चों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। विद्यार्थियों ने पारंपरिक लोकनृत्य और भक्ति गीतों के माध्यम से मंच पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी ऊर्जा, आत्मविश्वास और कला के प्रति समर्पण ने दर्शकों को प्रभावित किया। प्रस्तुति के दौरान पूरा परिसर तालियों की गूंज से भर उठा।
इस अवसर पर सूरजपुर जिले के पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बतरा तथा स्थानीय कला केंद्र के बच्चों ने भी अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कक्षा चौथी से सातवीं तक की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत समूह नृत्य कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। पारंपरिक वेशभूषा, सधी हुई लय, आकर्षक भाव-भंगिमा और उत्कृष्ट तालमेल ने मंच को जीवंत कर दिया और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यालय के प्राचार्य श्री गोवर्धन सिंह जी
कार्यक्रम प्रभारी शिक्षिका श्रीमती फातिमा सोगरा और श्री अमजद अली के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने कई दिनों तक अभ्यास कर इस प्रस्तुति को तैयार किया था। मंच पर उनके प्रदर्शन में अनुशासन, मेहनत और टीम भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ बच्चों और उनके मार्गदर्शकों का उत्साहवर्धन किया।
कुदरगढ़ महोत्सव का उद्देश्य क्षेत्रीय लोक कलाओं को प्रोत्साहित करना, स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करना और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। महोत्सव के माध्यम से सरगुजा अंचल की समृद्ध परंपराओं और लोक कलाओं को संरक्षित एवं बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन स्थल पर पूरे समय भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक गौरव का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाली प्रतिभागी छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न (शील्ड) प्रदान कर सम्मानित किया गया। इससे विद्यार्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ तथा भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में भाग लेने की प्रेरणा मिली।
मुख्य आकर्षण
• चैत्र नवरात्र की षष्ठी पर माँ कात्यायनी की विशेष आराधना
• सरगुजा अंचल की लोक संस्कृति और पारंपरिक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुति
• विद्यालयीन बच्चों की शानदार भागीदारी
• दर्शकों की बड़ी उपस्थिति और उत्साहपूर्ण माहौल
• प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड से सम्मानित किया गया
प्रतिभागी छात्राएँ
कक्षा 7वीं: कुं. भूमिका राजवाड़े, कुं. भूमिका सिंह, कुं. ऐश्वर्या, कुं. आस्था, कुं. राशि, कुं. तृप्ति, कुं. प्रभा, कुं. आकृति, कुं. पिहू, कुं. कविता, कुं. एंजल।
कक्षा 6वीं: कुं. आरवी, कुं. परी, कुं. रूती, कुं. प्राची, कुं. नेहा, कुं. लीना, कुं. चंचल, कुं. दिशा, कुं. निशा, कुं. श्रेया।
कक्षा 4थी: कुं. वंदना, कुं. दिव्या, कुं. मान्या, कुं. सुजाता, कुं. कृतिका।
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