लैलूंगा राजस्व विभाग में भूचाल! प्रभारी तहसीलदार उज्वल पाण्डे का कड़ा एक्शन—लापरवाह पटवारियों पर गिरेगी गाज”
संवाददाता - संतोष कुमार चौहान
साइंस वाणी न्यूज़ लैलूंगा
लैलूंगा। राजस्व विभाग में इन दिनों जबरदस्त हलचल मची हुई है। वर्षों से लंबित पड़े प्रकरण, फाइलों में धूल खा रहे मामलों और आम जनता की शिकायतों को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। प्रभारी तहसीलदार उज्वल पाण्डे ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ संकेत दे दिया है कि अब लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हाल ही में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के सभी पटवारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। इस बैठक में लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कई पटवारियों द्वारा महीनों से मामलों को लंबित रखना, समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करना और सिस्टम में कार्य अपडेट नहीं करना प्रमुख मुद्दे बनकर उभरे।
प्रभारी तहसीलदार ने बैठक के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्व विभाग जनता से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है और इसमें लापरवाही का मतलब है आम जनता को परेशान करना। उन्होंने कहा कि अब हर पटवारी को समयबद्ध तरीके से कार्य करना होगा, अन्यथा कड़ी कार्रवाई तय है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक के तुरंत बाद कई पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। खासकर उन पटवारियों पर शिकंजा कसने की योजना है, जो लगातार सिस्टम में कार्य अपडेट नहीं कर रहे हैं और जिनके क्षेत्र में लंबित प्रकरणों की संख्या अधिक है।
इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई है। कई पटवारी अब पुराने प्रकरणों को निपटाने में जुट गए हैं, वहीं कुछ के बीच कार्रवाई को लेकर चिंता का माहौल है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब “काम करो या कार्रवाई झेलो” की नीति पर काम होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजस्व से जुड़े छोटे-छोटे कामों के लिए महीनों तक चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी होती है। ऐसे में प्रभारी तहसीलदार का यह कड़ा कदम लोगों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि यह सख्ती कितनी प्रभावी साबित होती है और क्या वास्तव में वर्षों से लंबित मामलों का समाधान हो पाता है या फिर यह कार्रवाई भी सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाती है।
फिलहाल इतना तय है कि लैलूंगा राजस्व विभाग में अब ढिलाई नहीं चलेगी—क्योंकि इस बार प्रशासन पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर चुका है।
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