संवाददाता - संतोष कुमार चौहान
साइंस वाणी न्यूज़ लैलूंगा
लैलूंगा — आगामी ईद पर्व और चैत्र नवरात्रि के तहत रामनवमी के मद्देनज़र क्षेत्र में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लैलूंगा थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और दोनों समुदायों के प्रमुख लोगों की व्यापक सहभागिता देखने को मिली, जो क्षेत्र की साम्प्रदायिक एकता और भाईचारे का सकारात्मक संकेत है। बैठक में एसडीओपी सिद्धांत तिवारी, एसडीएम भरत कौशिक, तहसीलदार उज्ज्वल पांडे, नगर पंचायत अध्यक्ष कपिल सिंघानिया सहित मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि, सर्व हिन्दू समाज के सदस्य, जनप्रतिनिधि और पत्रकारगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की प्रतिबद्धता जताई प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक के दौरान स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि ईद और रामनवमी दोनों पर्व आपसी भाईचारे और सम्मान के साथ मनाए जाएं। रामनवमी के अवसर पर निकलने वाली शोभायात्रा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि शोभायात्रा के दौरान आतिशबाजी केवल निर्धारित स्थानों पर ही की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि यह दुकानों, भीड़भाड़ वाले इलाकों तथा संवेदनशील स्थानों से दूर हो, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके साथ ही शोभायात्रा में किसी भी प्रकार के हथियार, विशेषकर तलवार या अन्य वेपन लेकर शामिल होने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात कही गई। प्रशासन ने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों के दौरान क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा आवश्यकतानुसार पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और समाज के वरिष्ठ लोगों ने प्रशासन के निर्देशों का समर्थन करते हुए आम जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। सभी ने मिलकर लैलूंगा की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने और त्योहारों को मिलजुल कर मनाने का संकल्प लिया।यह बैठक न केवल प्रशासनिक तैयारी का हिस्सा रही, बल्कि समाज में आपसी विश्वास और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल भी साबित हुई।
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