औद्योगिक सुरक्षा पर प्रशासन सख्त: कलेक्टर-प्रभारी एसपी ने ली बैठक, मॉक ड्रिल व क्विक रिस्पांस टीम अनिवार्य
_21 अप्रैल 2026, जांजगीर-चांपा_
_संवाददाता: सरिता, साइंस वाणी न्यूज़ छत्तीसगढ़_
*ताप विद्युत गृह में अहम बैठक:* जिले में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे और प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल ने अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत गृह के सभाकक्ष में जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों और पावर प्लांट प्रबंधन की अहम बैठक ली।
*कलेक्टर के सख्त निर्देश:* कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी औद्योगिक इकाइयां सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए आवश्यक उपकरण, मशीनों का रखरखाव तथा सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रखी जाए। हादसों की रोकथाम के लिए अग्निशामक यंत्र, फायर अलार्म, सीसीटीवी कैमरा और मशीनों का नियमित निरीक्षण अनिवार्य किया गया। बॉयलर और अन्य संवेदनशील उपकरणों की समय-समय पर अधिकृत एजेंसियों से जांच कराने को कहा।
*‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज पर जोर:* कलेक्टर ने कहा कि औद्योगिक दुर्घटना की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर इलाज मिलना बेहद जरूरी है। इसके लिए प्रत्येक उद्योग में एंबुलेंस, प्राथमिक उपचार टीम और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध रहनी चाहिए।
*आपदा प्रबंधन और प्रशिक्षण अनिवार्य:* सभी औद्योगिक इकाइयों में आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल तैयार करने और कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। सुरक्षा मानकों की समीक्षा के लिए संयुक्त समिति गठित कर प्रभावी कार्ययोजना लागू करने को कहा गया।
*पुलिस विभाग के निर्देश:* प्रभारी एसपी श्रीमती निवेदिता पाल ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नियमित मॉक ड्रिल आयोजित की जाए। प्रत्येक प्लांट में क्विक रिस्पांस टीम का गठन हो और इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
*ये अधिकारी रहे उपस्थित:* बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप, एसडीएम जांजगीर सुब्रत प्रधान सहित उद्योगों के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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