साइंस वाणी न्यूज़ रायगढ़ प्राप्त जानकारी के अनुसार:- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पानी में डूबकर हुई मृत्यु के एक महत्वपूर्ण मामले में माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कलेक्टर रायगढ़ द्वारा पारित आदेश को निरस्त कर दिया है तथा पीड़ित परिवार को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत मुआवजा राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम देवरी, थाना भूगदेवपुर निवासी स्वर्गीय भरत लाल यादव की मृत्यु दिनांक 09 मार्च 2024 को मांड नदी में स्नान के दौरान आकस्मिक रूप से डूबने के कारण हो गई थी। घटना के पश्चात उनकी पत्नी गीता यादव ने वर्ष 2024 में शासन की मुआवजा योजना के अंतर्गत सहायता राशि प्राप्त करने हेतु जिला प्रशासन, रायगढ़ के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था।
प्रकरण की जांच के दौरान थाना भुगदेवपुर द्वारा प्रस्तुत अंतिम प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया कि मृतक शौच के बाद नदी से पानी छूते समय चक्कर आने के कारण नदी में गिर गए, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इसके आधार पर कलेक्टर रायगढ़ द्वारा वर्ष 2026 में मुआवजा प्रकरण को निरस्त कर दिया गया था।
कलेक्टर के इस निर्णय से असंतुष्ट होकर मृतक की पत्नी गीता यादव ने माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर का रुख किया। यह याचिका अधिवक्ता सी.एस. चौहान मो. 7999745412 के माध्यम से प्रस्तुत की गई, जिसका प्रकरण क्रमांक WPC/1833/2026 है।
माननीय उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों, प्रस्तुत दस्तावेजों एवं साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए प्रथम सुनवाई में ही दिनांक 23 अप्रैल 2026 को महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि उक्त प्रकरण में मुआवजा दिया जाना उचित है तथा कलेक्टर द्वारा पारित आदेश को निरस्त करते हुए पीड़िता को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत मुआवजा राशि प्रदान करने के निर्देश दिए।
न्यायालय के इस निर्णय के बाद जिला प्रशासन पर आदेश के शीघ्र पालन का दायित्व बढ़ गया है। पीड़िता गीता यादव ने प्रशासन से न्यायालय के निर्देशों का तत्काल पालन करते हुए मुआवजा राशि शीघ्र प्रदान करने की मांग/निवेदन की है।
यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए राहतपूर्ण है, बल्कि ऐसे अन्य मामलों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मिसाल के रूप में देखा जा रहा है, जहां प्रशासनिक स्तर पर मुआवजा दावों को अस्वीकार कर दिया जाता है।
हेमंत कुमार टंडन
जिला ब्यूरो चीफ रायगढ़ छत्तीसगढ़
टिप्पणियाँ