सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

होलाष्टक समाप्ति पश्चात महानगर में खेली प्रेमपूर्वक होली

बीते साल होली के अवसर पर मुम्बई वाले भवन-समूह में आयोजित सभी कार्यक्रमों में भागीदारी निभाने का अवसर मिला था। उसी को याद कर आप सभी को बता रहा हूँ कि जनवरी माह में वहाँ उद्यान के चारों तरफ लगे नारियल के पेड़ से नारियल के साथ उसकी अनउपयुक्त डालियाँ उतार नारियल तो बाजार से कम दाम में रहवासियों को बेच दी गयीं जबकि डालियाँ सम्भाल कर होलिका दहन के लिये रख ली गयीं । बाद में इन्ही डालियों से होलिका दहन वाला कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। मुम्बई के भागमभाग वाली जिन्दगी में, होलिका दहन वाले समय उस भवन-समूह के सभी सदस्य न केवल उपस्थित थे बल्कि सभी ने अपनी अपनी प्रचलित प्रथानुसार पूजा सम्पन्न कर आपस में एक दूसरे को तिलक लगा प्रसाद बाँटा ।

दूसरे दिन सभी सदस्य तरह तरह के रंगों से आपस में प्रेम पूर्वक होली खेली। बुजुर्गों से गुलाल लगवाना और उनके भाल पर भी गुलाल लगा आशिर्वाद ले फिर अपने हम उम्र वालों के बीच पहूँच आपस में खूब बतियाते भी रहे और एक दूसरे को रंग से सराबोर करने के पश्चात फव्वारे के नीचे पकड़ पकड़ लाते भी रहे। 

उस दिन सभी आयोजन बहुत ही बढ़िया क्रम से अर्थात सबसे पहले ठण्ड़ाई के साथ बडा़ पाव वगैरह की व्यवस्था थी। फिर नहा धोकर आयोजित सह भोज में सभी ने एक दूसरे की खूब मानमनव्वल भी की।

कूल मिलाकर सभी ने पूरा पूरा सहयोग करते हुये कार्यक्रम को सफल बना दिया। अन्त में किसी सदस्य ने हम बुजुर्गों से आग्रह किया कि यहाँ उपस्थित अनेक बच्चे इस पर्व के विषय में थोड़ा बहुत अवश्य जानते हैं परन्तु जो छोटे हैं उनको आप में से कोई संक्षेप में, रोचकतापूर्ण तरीके से समझा दें कि यह पर्व हम क्यों मनाते हैं और कैसे मनाना चाहिये।

उसके बाद मैंने उस मौके का फायदा उठाते हुए एकदम संक्षेप में उन सभी को बताया कि भक्त प्रहलाद दैत्यराज हिरण्यकश्यप का पुत्र था।भक्त प्रह्लाद अन्तर्मुखी होकर, सच्चिदानन्द स्वरूप नारायण की उपासना करते थे। राम नाम का कीर्तन करते थे। हिरण्यकश्यप को हरि भक्ति अच्छी नहीं लगती थी । उसने भक्ति का विरोध किया । भक्त प्रह्लाद ने अपने पिताजी से कहा बिना भक्ति के यह मानव जीवन बेकार हो जाता है । हिरण्यकश्यप ने भक्त प्रहलाद को मारने के कई यत्न किये, लेकिन भगवान् के भक्त का बाल भी बाँका नहीं हुआ।
 
हिरण्यकश्यप की होलिका राक्षसी नाम की एक बहन थी । होलिका राक्षसी को ब्रह्मदेव से यह वरदान मिला हुआ था की अग्नि उसका कुछ नहीं बिगाड़ पायेगी अर्थात अग्नि में जलेगी नहीं। हिरण्यकश्यप की वही होलिका राक्षसी बहन एक बार भक्त प्रहलाद को मारने के उदेश्य से अपने साथ ले कर अग्नि में बैठ गई । होलिका जल गई । नारायण की कृपा से भक्त प्रह्लाद सुरक्षित बच गए । भक्त और भगवान् की महिमा को धारण करने का यह पर्व है ।

हम भगवान् की भक्ति और हरि प्रेम के गीत बन्धुभाव से गाकर, हर्ष उल्लास के साथ नाचते हुए होली का त्योहार मनाते है ।

उपरोक्त वर्णित पूरे घटनाक्रम से *जीवन और रंग* का सही मायने में सम्बन्ध के साथ साथ महत्व अपने आप स्पष्ट होता है ।

गोवर्द्धन दास बिन्नाणी "राजा बाबू"
बीकानेर 
चलभाष - 7976870397
वाट्स ऐप नंबर - 9829129011

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

खरसिया ब्लॉक के ग्राम परसकोल में युवक की मौत, सक के घेरे में खरसिया पुलिस ने पाच लोग को लिया हिरासत*

 खरसिया ग्राम परसकोल में शनिवार रात करीब 7 बजे एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान अनिल चौहान के रूप में हुई है जिसका उम्र 30, साल बताया जा रहा हय जो अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य बताया जा रहा है। परिवार में उसकी मां और तीन बहनें हैं। परिजनों के अनुसार, रात में कुछ लोग अनिल को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे। कुछ देर बाद झगड़े जैसी आवाजें सुनाई दीं, लेकिन देर रात तक अनिल घर वापस नहीं लौटा। सुबह जब उसकी बहन शौच के लिए बाहर निकली तो उसने देखा कि गांव का ही एक व्यक्ति, मोतीलाल सिदार, खेत की ओर से आ रहा था और उसे देखकर भागने लगा। शक होने पर जब बहन खेत की ओर गई तो वहां अनिल की लाश पड़ी मिली। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना खरसिया के प्रभारी राजेश जांगड़े मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। डॉग स्क्वायड टीम को भी बुलाया गया। जांच के दौरान संदेह के घेरे में आए पांच लोगों को हिरासत में लिया गया। बताया जा रहा है कि डॉग स्क्वायड की मदद से एक संदिग्ध, मोतीलाल सिदार, की पहचान की ग...

खरसिया के परासकोल में युवक के अंधे हत्या का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

     रायगढ़, 3 मार्च । खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम परासकोल में युवक की अंधी हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मृतक की पहचान अनिल कुमार चौहान (35 वर्ष), पिता स्व. प्यारेलाल चौहान, निवासी ग्राम परासकोल* के रूप में हुई है।             घटना की सूचना मिलते ही शशि मोहन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ के निर्देशन पर एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल, थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक राजेश जांगड़े, एफएसएल यूनिट, साइबर थाना स्टाफ एवं डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मृतक के शरीर पर पेट, गले एवं अन्य स्थानों पर धारदार हथियार से वार के निशान पाए गए।                                  अरोपी            मृतक की बहन खुशबू चौहान ने बताया कि रात में सड़क की ओर से हल्ला-गुल्ला की आवाज सुनाई दी थी, किंतु ध्यान नहीं दिया गया। अगले दिन सुबह खेत में शव मिलने की सूचन...

अज्ञात कार का कहर! बाइक सवार युवक को रौंदकर फरार, सड़क पर तड़पता रहा लहूलुहान युवक

संवाददाता - राजाराम चौहान  साइंस वाणी न्यूज़ लैलूंगा  लैलूंगा क्षेत्र में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। एक अज्ञात कार चालक ने बाइक सवार युवक को जोरदार ठोकर मार दी और मौके से फरार हो गया। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर लगते ही युवक सड़क पर गिर पड़ा और उसका सिर फट गया। देखते ही देखते सड़क खून से लाल हो गई, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि काफी देर तक कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार तेज रफ्तार में थी और टक्कर मारने के बाद बिना रुके मौके से भाग निकली। घायल युवक दर्द से कराहता रहा, लेकिन राहगीरों की भीड़ तमाशबीन बनी रही। इसी बीच सूचना मिलते ही लैलूंगा प्रेस क्लब अध्यक्ष चन्द्रशेखर जायसवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना समय गंवाए इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए अपने निजी वाहन में घायल युवक को उठाया और सीधे लैलूंगा अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के मुताबिक युवक के सिर में गंभीर चोट आई है, लेकिन समय पर अस्पताल पहुंच जाने के कारण उसकी जान बच गई। बताया जा रहा है कि घायल युवक ग्राम ...