_23 अप्रैल 2026, जांजगीर-चांपा_
_संवाददाता: सरिता, साइंस वाणी न्यूज़ छत्तीसगढ़_
*आयोग ने सुनाया अंतिम आदेश:* जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जांजगीर-चांपा ने इस्तेखार अहमद बनाम जूरिख कोटक जनरल इंश्योरेंस कंपनी के मामले में बीमा कंपनी के खिलाफ सख्त आदेश पारित किया है। आयोग ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 35 के अंतर्गत पेश परिवाद को स्वीकार करते हुए कंपनी को कुल 85,000/- रुपए का भुगतान करने को कहा है।
*क्या देना होगा कंपनी को:* आयोग के आदेशानुसार बीमा कंपनी उपभोक्ता/शिकायतकर्ता इस्तेखार अहमद को दावा की गई बीमा राशि 75,000/- पछहत्तर हजार रुपए, मुकदमे के खर्च 3,000/- तीन हजार रुपए व मानसिक क्षतिपूर्ति 7,000/- सात हजार रुपए, आदेश दिनांक से 45 दिनों के भीतर अदा करेगी।
*देरी पर लगेगा ब्याज:* आयोग ने स्पष्ट किया है कि नियत अवधि 45 दिन में आदेशित राशि नहीं देने पर आदेश दिनांक से भुगतान दिनांक तक आदेशित राशि पर 7% वार्षिक ब्याज देना होगा। यह ब्याज मूल राशि 85,000/- रुपए पर देय होगा।
*पूरा मामला:* इस्तेखार अहमद ने 23/05/24 से 22/05/25 तक की पॉलिसी ली थी। 25.01.25 से 08.02.25 तक 15 दिन अस्पताल में भर्ती रहने पर 5,000/- प्रतिदिन के हिसाब से 75,000/- का क्लेम किया था। कंपनी ने 11/06/25 को ‘नियमों का पालन नहीं, संदिग्ध दस्तावेज’ कहकर दावा खारिज कर दिया था।
*आयोग का निष्कर्ष:* अध्यक्ष प्रशांत कुंडू, सदस्य विशाल तिवारी व महिमा सिंह की पीठ ने पाया कि बीमा धारक ने कोई गलत जानकारी नहीं दी थी। 15 दिन की भर्ती पर 75,000/- का दावा नियम अनुसार उचित था। बिना कारण क्लेम खारिज करना सेवा में कमी व अनुचित व्यापारिक व्यवहार है।
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