ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण: जांजगीर-चांपा में प्राचीन धरोहर के संरक्षण को विशेष अभियान, कलेक्टर ने मांगी सक्रिय भागीदारी
_22 अप्रैल 2026, जांजगीर-चांपा_
_संवाददाता: सरिता, साइंस वाणी न्यूज़ छत्तीसगढ़_
*सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास:* संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान की पहल की गई है। जिसका उद्देश्य देश एवं राज्य में उपलब्ध प्राचीन एवं ऐतिहासिक पाण्डुलिपियों का सर्वे, सूचीकरण एवं संरक्षण सुनिश्चित करना है। इस अभियान के माध्यम से विभिन्न संस्थानों एवं निजी संग्रहों में संरक्षित पाण्डुलिपियों का व्यवस्थित सर्वेक्षण एवं डिजिटलीकरण किया जाएगा।
*मुख्य सचिव ने दिए दिशा-निर्देश:* आज मुख्य सचिव श्री विकास शील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी कलेक्टर की बैठक ली एवं ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
*पाण्डुलिपियां बौद्धिक धरोहर का स्रोत:* पाण्डुलिपियां हमारी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं बौद्धिक विरासत का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। इनमें प्राचीन ज्ञान, चिकित्सा, साहित्य, धर्म, विज्ञान एवं सामाजिक परंपराओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी निहित होती है। इनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान संरक्षण के कार्य में सहायक होगा।
*जलवायु-कीट से खतरा, वैज्ञानिक संरक्षण जरूरी:* वर्तमान परिस्थितियों में जलवायु, कीट एवं अनुचित रख-रखाव के कारण पाण्डुलिपियां नष्ट हो सकती हैं। जिसके लिए इनका वैज्ञानिक संरक्षण एवं डिजिटलीकरण आवश्यक है।
*ज्ञानभारतम पोर्टल से जुड़ें:* ज्ञानभारतम पोर्टल से जुड़ कर अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। कलेक्टर ने सभी वर्गों से सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।
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