साइंस वाणी न्यूज
लोकेश गायकवाड़
सिलतरा/सांकरा धरसीवां के औद्योगिक क्षेत्र फेस-2 में तूफान और खराब मौसम का फायदा उठाकर कई उद्योगों द्वारा चिमनी से काला धुआं उगलने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उद्योगों ने प्रदूषण रोकने वाले बैक फिल्टर हटा दिए हैं और खुलेआम वायु प्रदूषण फैलाया जा रहा है।
तूफान की आड़ में प्रदूषण का खेल
पिछले दो-तीन दिनों से चल रहे तेज तूफान के कारण हवा में धूल और धुआं पहले से ही फैला हुआ है। इसी का फायदा उठाकर औद्योगिक क्षेत्र फेस-2 में स्थित कुछ इकाइयों द्वारा अपनी चिमनियों से घने काले धुएं का तेजी से फैलाया जा रहा है। पूरा क्षेत्र काले धुएं की चादर में लिपटा हुआ है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी प्रदूषण की शिकायत रहती है, लेकिन तूफान के समय उद्योग जानबूझकर फिल्टर सिस्टम बंद कर देते हैं। इससे कार्बन, सल्फर और अन्य जहरीले कण हवा में मिलकर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक खतरा बन रहे हैं।
ग्रामवासियों के स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
काले धुएं के कारण क्षेत्र में सांस, आंख और त्वचा संबंधी बीमारियों में इजाफा हो रहा है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। लोगों ने आरोप लगाया कि कई उद्योग प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे हैं।
कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से तत्काल औचक निरीक्षण कर दोषी उद्योगों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, बैक फिल्टर हटाकर धुआं छोड़ना सीधे पर्यावरण संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन है। इसमें दोषी पाए जाने पर उद्योगों पर भारी जुर्माना और संचालन पर रोक लगाई जा सकती है।
अब देखना होगा कि शासन प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती बरतनी है।
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