संवाददाता – संतोष कुमार चौहान
साइंस वाणी न्यूज़, लैलूंगा
लैलूंगा।
क्षेत्र के ग्राम पंचायत लिबरा में ग्राम के विकास, अनुशासन एवं सामाजिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में ग्राम पंचायत लिबरा के सचिव, सरपंच, उपसरपंच, पंचायत पंच, होर्रोगुडा आश्रित ग्राम एवं लिबरा के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान ग्राम की वर्तमान परिस्थितियों, बढ़ती अव्यवस्थाओं तथा शासकीय परिसरों के आसपास होने वाली अनुशासनहीन गतिविधियों पर गंभीरता से चर्चा की गई। उपस्थित नागरिकों ने अपने-अपने विचार रखे और सामूहिक रूप से ग्राम के हित में ठोस निर्णय लेने पर सहमति जताई।
बैठक में सर्वसम्मति से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि ग्राम पंचायत लिबरा के अंतर्गत आने वाले किसी भी शासकीय भवन या परिसर के आसपास यदि कोई व्यक्ति नशा करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए ₹50,000 (पचास हजार रुपये) का जुर्माना लगाया जाएगा। यह निर्णय ग्राम में बढ़ती नशाखोरी पर अंकुश लगाने तथा सार्वजनिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
इसके अतिरिक्त, शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह भी तय किया गया कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार से सरकारी भवन, सामग्री या अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पंचायत स्तर पर इस प्रकार की गतिविधियों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने का स्पष्ट संदेश दिया गया।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (चावल वितरण) के दौरान होने वाली अव्यवस्थाओं को रोकने के लिए भी विशेष निर्णय लिया गया। तय किया गया कि कोई भी व्यक्ति नशे की हालत में पंचायत भवन में प्रवेश नहीं करेगा। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करते पाया जाता है, तो उसे वितरण स्थल से बाहर कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय का उद्देश्य वितरण प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाना है।
बैठक में मौजूद दोनों गांवों के गणमान्य नागरिकों ने इन निर्णयों का समर्थन करते हुए कहा कि यह कदम ग्राम के सामाजिक वातावरण को सुधारने, युवाओं को नशे से दूर रखने और शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ग्राम पंचायत द्वारा लिए गए ये निर्णय न केवल अनुशासन स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त पहल हैं, बल्कि अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। ग्रामीणों ने आशा व्यक्त की कि इन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्राम में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा और एक स्वच्छ, सुरक्षित एवं अनुशासित वातावरण का निर्माण होगा।
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