संवाद दाता रामकुमार प्रजापति संभाग ब्यूरो चिप
CG 15 EA 6899 नंबर के ट्रेलर से हादसा; आक्रोशित ग्रामीणों ने शव रखकर किया चक्काजाम, मुआवजा और सख्त कार्रवाई के आश्वासन पर थमा प्रदर्शन
झूमर पारा/करंजी क्षेत्र में अनियंत्रित और तेज रफ्तार भारी वाहनों का खतरा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। बुधवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में करंजी निवासी 54 वर्षीय मान मति प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई। वे अपने बहन के के घर नवापारा में आयोजित दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में तेज गति से आ रहे कोयला लोड ट्रेलर क्रमांक CG 15 EA 6899 ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयावह था कि महिला ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि चालक ट्रेलर छोड़कर फरार हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेलर की रफ्तार अत्यधिक थी और चालक लापरवाहीपूर्वक वाहन चला रहा था। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल महिला को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतका का शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का आरोप था कि क्षेत्र में कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं है। कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य पंकज तिवारी और भाजपा अजा मोर्चा मीडिया प्रभारी भूषण बघेल सहित कई जनप्रतिनिधि पहुंचे और ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
सूचना मिलते ही बिश्रामपुर थाना प्रभारी प्रकाश राठौर करंजी चौकी प्रभारी विशाल मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं तहसीलदार सूर्यकांत साय ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आक्रोशित लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए दोषी चालक की शीघ्र गिरफ्तारी, उचित मुआवजा और सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया।
करीब 2 से 3 घंटे तक चले चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बनी रही, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयासों से मामला धीरे-धीरे शांत हुआ।
मुआवजा मिलने के बाद समाप्त हुआ जाम
ग्रामीणों को शांत करने के लिए हर्ष रोडलाइंस कंपनी की ओर से मृतका के परिजनों को तत्काल 1 लाख रुपए नगद सहायता दी गई। साथ ही चंदनपान से पहले 1 लाख रुपए अतिरिक्त देने का आश्वासन भी दिया गया। प्रशासन की ओर से 25 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।
ट्रेलर जब्त, चालक की तलाश जारी
पुलिस ने घटनास्थल से ट्रेलर को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
15 दिन में ठोस कार्रवाई नहीं तो उग्र आंदोलन
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर सड़क निर्माण, स्पीड कंट्रोल और भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
यह हादसा एक बार फिर प्रशासनिक उदासीनता और यातायात व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं आगे भी दोहराई जाती रहेंगी।
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