डीजी दुनिया प्रोजेक्ट के तहत शिक्षकों को दिया जा रहा डिजिटल शिक्षा का प्रशिक्षण, स्मार्ट क्लास संचालन की बताई जा रही बारीकियां
संवाद दाता रामकुमार प्रजापति संभाग ब्यूरो चिप
जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशानुसार डीजी दुनिया प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ अंतर्गत जिले के आईसीटी एवं डिजिटल क्लासरूम युक्त विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चेन्द्रा में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों में आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना तथा शिक्षकों को डिजिटल माध्यमों के उपयोग के प्रति दक्ष बनाना है।
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर कुंवर साय राजवाड़े द्वारा शिक्षकों को स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर आधारित शिक्षण प्रणाली एवं आईसीटी लैब के प्रभावी संचालन की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को बताया गया कि वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक का महत्व तेजी से बढ़ रहा है और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग अत्यंत आवश्यक हो गया है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण एवं विजिट स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब के जिला समन्वयक अमित जायसवाल द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने प्रशिक्षण में उपस्थित शिक्षकों से चर्चा करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा से विद्यार्थियों की समझने की क्षमता बढ़ती है तथा पढ़ाई अधिक रोचक एवं प्रभावी बनती है। उन्होंने शिक्षकों को विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) सॉफ्टवेयर के उपयोग की भी जानकारी दी गई। इसमें विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति, अध्ययन सामग्री साझा करना, डिजिटल कंटेंट तैयार करना तथा ऑनलाइन मूल्यांकन जैसी प्रक्रियाओं को विस्तारपूर्वक समझाया गया। साथ ही यूट्यूब एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बच्चों को विषयवार वीडियो आधारित शिक्षा प्रदान करने की विधि भी बताई गई।
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि स्मार्ट क्लास के माध्यम से कठिन विषयों को चित्र, वीडियो एवं एनीमेशन के जरिए सरल तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचाया जा सकता है, जिससे बच्चों की सीखने में रुचि बढ़ती है। शिक्षकों को डिजिटल कंटेंट चयन, ऑनलाइन संसाधनों के सुरक्षित उपयोग तथा बच्चों के लिए तकनीक आधारित गतिविधियां संचालित करने के बारे में भी जानकारी दी गई।
एक दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने डिजिटल शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव साझा किए तथा तकनीकी समस्याओं के समाधान के बारे में जानकारी प्राप्त की।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से शिक्षकों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी तथा विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। आने वाले समय में विद्यार्थियों को आधुनिक एवं तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी।
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