ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा शिकायत पत्र, उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग”
संवाद दाता रामकुमार प्रजापति संभाग ब्यूरो चिप
।सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सत्यनगर में एक महिला के एक साथ दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर कार्यरत होने का मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था को प्रशासनिक नियमों और निष्पक्षता के विपरीत बताते हुए जिला कलेक्टर से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। मामले को लेकर गांव में नाराजगी बढ़ती जा रही है और ग्रामीण खुलकर विरोध जता रहे हैं।
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र के अनुसार धनमेत यादव वर्तमान में गांव के मिडिल स्कूल में सहायिका के पद पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे ग्राम पंचायत में वार्ड पंच की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। एक ही व्यक्ति के पास दो अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी होने को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग और पंचायत प्रशासन दोनों ही महत्वपूर्ण सार्वजनिक व्यवस्थाएं हैं, जहां पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी होती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि एक ही व्यक्ति का पंचायत और स्कूल दोनों जगह प्रभाव होने से हितों का टकराव पैदा हो सकता है। इससे पंचायत के विकास कार्यों, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और स्कूल संचालन में निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार का प्रशासनिक निर्णय या लाभ वितरण होता है, तो उसमें पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं।
मामले को लेकर गांव में लगातार चर्चा बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन द्वारा अलग-अलग विभागों में जिम्मेदारियां तय की जाती हैं ताकि प्रशासनिक संतुलन बना रहे, लेकिन एक ही व्यक्ति के दो महत्वपूर्ण पदों पर बने रहने से नियमों की अनदेखी प्रतीत हो रही है। इसी को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत पत्र में मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि क्या किसी व्यक्ति का एक साथ दो लाभ के पदों पर बने रहना नियमानुसार है या नहीं। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग उठाई है कि पंचायत और स्कूल जैसी संस्थाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे ताकि भविष्य में इस तरह के विवाद सामने न आएं। शिकायत पत्र में शिवराम, लवकेश, नंदलाल, मंगलू बालो, ममता , दिनेश, लाल चंद , सोनू सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर शामिल हैं।
अब पूरे मामले में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर लोगों की नजर जिला प्रशासन पर टिकी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मामले की जांच नहीं हुई तो गांव में असंतोष और बढ़ सकता है।
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