125 दिनों के रोजगार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति,
‘विकसित भारत जी राम जी’ अधिनियम 2025 से सशक्त होगा गांव-गांव
संवाद दाता रामकुमार प्रजापति
//बरौल//भैयाथान विकासखंड में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में ‘विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025’ के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों को नई योजना की विस्तृत जानकारी दी गई।
योजना के अंतर्गत प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण परिवार को 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। विशेष बात यह है कि मजदूरी का भुगतान प्रत्येक सप्ताह किए जाने का प्रावधान रखा गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में नियमित वृद्धि होगी और उनकी आजीविका को स्थायित्व मिलेगा।
ग्राम सभा तय करेगी विकास की दिशा
बैठक में बताया गया कि गांव के विकास की रूपरेखा ग्राम सभा स्वयं तय करेगी। स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर अधोसंरचना विकास, जल संरक्षण, सिंचाई, जल संचयन, वाटरशेड विकास, वनीकरण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, महिला सशक्तिकरण तथा युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
टेक्नोलॉजी से पारदर्शिता पर जोर
योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए डिजिटलाइजेशन और आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसमें बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी प्रणाली, रियल टाइम डैशबोर्ड, एआई आधारित विश्लेषण तथा नागरिक सहभागिता को प्रमुख स्थान दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इससे कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी।
आजीविका संवर्धन को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार द्वारा जिलेभर में आजीविका संवर्धन की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बड़ी संख्या में आजीविका डबरियों का निर्माण कराया जा रहा है। साथ ही स्थानीय समुदाय को आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षण प्रदान कर अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।
अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित
कार्यक्रम में जनपद भैयाथान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय गुप्ता, अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अमित ताम्रकार, कार्यक्रम अधिकारी ओमप्रकाश तिवारी सहित जनपद क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, तकनीकी सहायक, सचिव एवं रोजगार सहायक उपस्थित रहे।
बैठक में सभी प्रतिनिधियों से आह्वान किया गया कि वे योजना की जानकारी घर-घर तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवार इसका लाभ उठाकर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
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