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जशपुर पुलिस ने सुलझाई पुरना नगर के तुरीटोंगरी में मिली अधजली लाश की गुत्थी , तीन नाबालिक सहित एक आरोपिया गिरफ्तार


*➡️ मामला थाना सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्रांतर्गत*
*➡️ माह अक्टूबर 2025 में पुरना नगर, जशपुर के तूरीटोंगरी में मिली थी, एक अज्ञात युवक की अधजली लाश*
*➡️ पुलिस की जांच में मृतक की पहचान, महावीर राम भगत निवासी गड़ियोटोगरी मनोरा के रूप में हुई*
*➡️ मृतक की पत्नी आरोपिया सुमित्रा भगत ने की थी अपने पति मृतक महावीर भगत की हत्या*
*➡️ मामले से जुड़े दो नाबालिक बालिका व एक नाबालिक बालक के साथ मिलकर, शव को लगाया था ठिकाने, फिर पेट्रोल डाल कर लगा दी थी आग*
 *➡ मामले में आरोपियों के विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली जशपुर में बी एन एस की धारा 103(1),238(क) व 61(2) (क) के तहत अपराध पंजीबद्ध*
*➡️ पुलिस के द्वारा आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त छोटी गैंती, पेट्रोल लाने में प्रयुक्त सफेद रंग की जरकीन, व टॉर्च को भी किया जप्त*
*➡️ नाम मृतक - महावीर राम भगत, उम्र 49वर्ष, निवासी गड़ियों टोंगरी , चौकी मनोरा,थाना सिटी कोतवाली जशपुर ( छ.ग)*
*➡️ नाम गिरफ्तार आरोपी क्रमशः - 1. मृतक की पत्नी आरोपिया सुमित्रा भगत उम्र 50 वर्ष हाल मुकाम बांकी टोली जशपुर, थाना सिटी कोतवाली जशपुर (छ. ग),*
*2. 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालिका*
*3. एक 15 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक*
*4.15 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालिका*
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    ➡️ मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 18.10.25 को सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस को सूचना मिली थी ,कि ग्राम पुरना नगर के तुरीटोंगरी में किसी व्यक्ति की अधजली शव मिली है, जिसके शरीर का अधिकांश हिस्सा जला हुआ है, जिस पर सिटी कोतवाली पुलिस के द्वारा तत्काल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले के संबंध में अवगत कराते हुए, घटना स्थल, तुरीटोंगरी रवाना हुआ, जहां जाकर पुलिस ने पाया कि, एक गड्ढे में एक युवक के शव को जलाया गया है, जिसके शरीर के चेहरे सहित , अधिकांश हिस्सा जल गया था,। घटना स्थल के निरीक्षण व शव के पंचनामा के पश्चात पुलिस के द्वारा, थाने में मर्ग कायम कर जांच विवेचना में लिया गया था। पुलिस के निरीक्षण के दौरान, चूंकि प्रथम दृष्टिया मामला हत्या का प्रतीत होता था, अतः पुलिस के द्वारा शव का डॉक्टर से पोस्ट मार्टम भी कराया गया। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हत्यात्मक , बताने पर, थाना सिटी कोतवाली जशपुर में बी. एन. एस. की धारा 103(1) व 238(क) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था।
  ➡️ चूंकि शव अज्ञात था व शरीर का आधे से अधिक हिस्सा जल चुका था, अतः उसकी पहचान कर, आरोपियों की पता साजी करना, पुलिस के लिए चुनौती बन चुकी थी। पुलिस के द्वारा शव की पहचान हेतु, उसके फोटो को आस - पास के थानों/ चौकियों में सर्कुलेट किया गया था व क्षेत्र में गुम इंसानों की जानकारी भी ली जा रही थी। साथ ही पुलिस के मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए,टेक्निकल टीम की भी मदद ली जा रही थी। इसी दौरान माह दिसंबर 25 को मृतक महावीर राम भगत के भाई ने थाना सिटी कोतवाली जशपुर में आकर संदेह व्यक्त किया कि मृतक महावीर राम भगत दिवाली के समय से ही घर से निकला था, परंतु वापस घर नहीं लौटा तथा जशपुर के एक मोहल्ले में रहने वाली मृतक महावीर राम भगत की पत्नी आरोपिया सुमित्रा भगत के द्वारा भी अपने पति के गुम होने की कोई सुध नहीं ली जा रही है। जिस पर मृतक महावीर राम भगत के परिजनों के द्वारा कहने पर, आरोपिया सुमित्रा भगत के द्वारा सिटी कोतवाली जशपुर में मृतक महावीर राम भगत की गुम होने की सूचना दर्ज कराई गई थी। ➡️ पुलिस के द्वारा जब महावीर राम भगत की पता साजी की जा रही थी, इसी दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक महावीर राम भगत व उसकी पत्नी के मध्य पारिवारिक रिश्ते सही नहीं थे, इनके मध्य वाद विवाद व मारपीट होते रहती थी, जिसके कारण आरोपिया सुमित्रा भगत, मृतक महावीर राम भगत से अलग, अपने बच्चों के साथ, जशपुर के मोहल्ले में रहती थी, इसी दौरान पुलिस व टेक्निकल सेल की संयुक्त टीम को पता चला, मृतक महावीर राम भगत दिनांक 18.10.25 को आरोपिया सुमित्रा भगत के जशपुर स्थित घर में आया हुआ था।
 ➡️ मामले में पुलिस को संदेह होने पर, पुलिस के द्वारा , पुरना नगर , की तुरी टोंगरी में मिली लाश के सेंपल व मृतक महावीर राम भगत के बच्चों के सेंपल लेकर, उनका फोरेंसिक टेस्ट करते हुए, डी एन ए जांच कराया गया, टेस्ट रिपोर्ट में सैंपल मैच होने से पुलिस को यह स्पष्ट हो गया, उक्त अधजली लाश गुम महावीर राम भगत की है, जिसे कि हत्या कर , पहचान मिटाने हेतु पेट्रोल डाल कर आग लगा दिया गया था,।
➡️ स्थिति स्पष्ट होने पर जशपुर पुलिस का मृतक महावीर राम भगत की पत्नी आरोपिया सुमित्रा भगत पर संदेह गहरा गया, चूंकि घटना दिनांक को अंतिम बार मृतक अपनी पत्नी सुमित्रा भगत के पास जशपुर स्थित, उसके घर पर आया हुआ था, जिस पर जशपुर पुलिस के द्वारा संदिग्ध आरोपिया सुमित्रा भगत को हिरासत में लिया गया।
➡️ पुलिस की पूछताछ पर आरोपिया सुमित्रा भगत के द्वारा पहले पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया, परंतु पुलिस की मनोवैज्ञानिक पूछताछ के आगे वह झुक गई, व अपराध स्वीकार करते हुए बताई कि वह घरेलू काम करती है, उसका पति मृतक महावीर राम भगत मनोरा में अकेला रहता था, वह आए दिन आरोपिया सुमित्रा भगत से दारू पीकर मारपीट करता रहता था, जिसके कारण आरोपिया सुमित्रा भगत मृतक महावीर राम भगत से अलग जशपुर में रहती थी, कि घटना दिनांक 18.10.25 की प्रातः करीबन 08.00 बजे वह किसी काम से जशपुर में ही अपने घर से बाहर गई हुई थी, जब वापस अपने घर लौटी तो देखी कि उसका मृतक पति महावीर राम भगत, मनोरा से स्कूटी में आरोपिया सुमित्रा भगत के जशपुर के एक मोहल्ले में स्थित घर में आया हुआ है, व उसके हाथ में एक छोटी गैंती भी थी, जिससे आरोपिया सुमित्रा भगत भयभीत हो गई कि, उसका पति मृतक महावीर राम भगत, उसे मारने की नियत से आया है, इसके पूर्व भी वह आरोपिया को मारने की धमकी दे चुका था, इसी दौरान दोनों में वाद विवाद होने लगा, व आरोपिया सुमित्रा भगत के द्वारा आवेश में आकर मृतक महावीर राम भगत के हाथ से छोटी गैंती को छीनकर, उसके चेहरा और सिर में वार कर दिया गया, जिससे मृतक महावीर राम भगत जमीन पर गिर गया, उसके जबड़े से खून भी निकल रहा था, फिर आरोपिया सुमित्रा भगत के द्वारा मृतक महावीर राम भगत के छाती में चढ़कर उसके गले को दबा दिया गया और तब तक दबाया गया ,जब तक उसकी मृत्यु नहीं हो गई। इस दौरान उसकी नाबालिक बेटियां घर में ही थी, उसकी नाबालिक बेटियों द्वारा घटना को करते देख उनके द्वारा अपनी मां आरोपिया सुमित्रा भगत के साथ मृतक महावीर राम भगत को मारकर एवं उसके शव को एक कमरे में चादर से ढंककर रखा गया था। फिर रात को शव को ठिकाने लगाने की नियत से आरोपिया सुमित्रा भगत के द्वारा अपने पड़ोस में रहने वाले एक 15 वर्षीय नाबालिक बालक से भी मदद ली गई, और रात्रि करीबन 10.00 से 11.00 बजे के मध्य आरोपिया सुमित्रा भगत व दो नाबालिक बालिकाओं व एक नाबालिक पड़ोसी बालक के साथ मिलकर , मृतक महावीर राम भगत के शव को लकड़ी के बल्ली से बांधकर, उसे मिलकर ढोते हुए, तूरी टोंगरी जंगल में ले गए थे, व साथ में, शव की पहचान न हो सके, इसलिए शव को जलाने की नियत से, एक सफेद प्लास्टिक की जरकीन में पेट्रोल को भर ले जाया गया था व उनके द्वारा मिलकर मृतक महावीर राम भगत के शव को पेट्रोल डाल कर जलाने का प्रयास किया गया था।
  ➡️ पुलिस के द्वारा आरोपियों के अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है, व विधि से संघर्षरत बालक व बालिकाओं को, बाल संप्रेषण गृह भेजा जावेगा।
   ➡️ पुलिस के द्वारा मुख्य आरोपिया सुमित्रा भगत की निशानदेही पर, उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त छोटी गैंती, पेट्रोल ले जाने में प्रयुक्त जरकिन व टॉर्च को भी जप्त कर लिया गया है।
    ➡️ चूंकि कि मामला अति संवेदनशील होने पर जशपुर जिले के पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉक्टर लाल उमेद सिंह के द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री राकेश कुमार पाटनवार के नेतृत्व में 07 सदस्य टीम गठित कर मामले की लगातार मॉनिटरिंग की गई, जिसके परिणाम स्वरूप मामले का खुलासा हो पाया।
   ➡️ मामले की कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी में उप पुलिस अधीक्षक अजाक/क्राईम भावेश कुमार समरथ, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली जशपुर निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, सहायक उप निरीक्षक विपीन केरकेट्टा, व साइबर सेल जशपुर की टीम से उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, प्रधान आरक्षक अनंत मिराज किस्पोट्टा, थाना सिटी कोतवाली जशपुर से महिला प्रधान आरक्षक सावित्री भगत, आरक्षक राम प्रताप यादव, रवि भगत, आरक्षक रवि भगत, विनोद तिर्की, नगर सैनिक रवि डनसेना व थानेश्वर देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही है 
   *➡️ मामले में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि पुलिस ने सिटी कोतवाली क्षेत्र में हुई, एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए, तीन विधि से संघर्षरतबालक/बालिका सहित एक आरोपिया को गिरफ्तार किया है, जिन्हें क्रमशः बाल संप्रेषण गृह व आरोपिया पत्नी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है।

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