संवाद दाता रामकुमार प्रजापति
भारतीय न्याय संहिता, नागरिक सुरक्षा संहिता व साक्ष्य अधिनियम पर विद्यार्थियों को किया जागरूक
बरौल। सूरजपुर जिले में नए आपराधिक कानूनों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से करंजी पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देशन में करंजी चौकी प्रभारी संतोष सिंह ने ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल, दतिमा में विद्यार्थियों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम के दौरान चौकी प्रभारी संतोष सिंह ने छात्रों को देश में लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों— भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम— के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी सरल भाषा और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि इन कानूनों का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि पीड़ितों को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी न्याय दिलाना है।
उन्होंने छात्रों को समझाया कि नए कानूनों में तकनीकी साक्ष्यों को अधिक महत्व दिया गया है, महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों के मामलों में सख्त प्रावधान किए गए हैं तथा जांच और सुनवाई प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने पर विशेष बल दिया गया है। साथ ही साइबर अपराध, संगठित अपराध और मॉब लिंचिंग जैसे मामलों पर भी कठोर कार्रवाई के प्रावधान जोड़े गए हैं।
चौकी प्रभारी ने विद्यार्थियों से कहा कि कानून की बुनियादी जानकारी हर नागरिक के लिए आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की स्थिति में निडर होकर पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी और पुलिस हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कानून से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने विस्तार से जवाब दिया।
विद्यालय के प्राचार्य रंजीत सिंह ने करंजी पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में कानून के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय से ही सुरक्षित वातावरण का निर्माण संभव है।
यह अभियान केवल जानकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामुदायिक पुलिसिंग की दिशा में एक सार्थक कदम साबित हुआ। स्कूल परिसर में पुलिस की उपस्थिति से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ा और पुलिस के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ। कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाएं, पुलिस स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, करंजी पुलिस की यह पहल दर्शाती है कि बदलते कानूनों के साथ समाज को जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है। जब नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों से परिचित होंगे, तभी न्याय व्यवस्था की अवधारणा मजबूत और प्रभावी रूप से साकार हो सकेगी।
टिप्पणियाँ