बसंत प्रधान जिला ब्यूरो चीफ कांकेर
काँकेर । विगत रात्रि जन सहयोग ने मानव सेवा की एक और मिसाल पेश की जब शीतलापारा वार्ड निवासी युसूफ भाई जीवन बीमा वाले का फोन आया कि एक महिला बाल बच्चों सहित बहुत परेशान है उसे बहीगांव ढोढरा से कांकेर के पास पीढ़ापाल साल्हेभाट अपने घर जाना था लेकिन वाहन चालक की गलती से उसे सरोना के पास साल्हेटोला में उतार दिया गया। अंधेरी रात में यह एक खतरनाक क्षेत्र है जहां जंगली जानवरों भय बना रहता है उस जगह से एक ऑटो वाले ने उन्हें कांकेर नया बस स्टैंड ठंड में छोड़ दिया है। युसूफ भाई से यह जानकारी प्राप्त करने के बाद पप्पू मोटवानी एवं उनकी संस्था "जन सहयोग" सक्रिय हो गए और परेशान महिला तथा उसके बच्चों को, जो ज़मीन पर लेटे हुए ठिठुर रहे थे, वहां से हटाकर काँकेर न्यू बस स्टैंड के रैन बसेरा में पहुंचाया और उनके ओढ़ने बिछाने का प्रबंध तथा अन्य ज़रूरी इंतजाम भी किये। सवेरे वह महिला (चिंता मरकाम पति दिलीप) अपने दो बच्चों के साथ सकुशल अपने गांव काँकेर साल्हेभाट पहुंच गई। पहुंचने की पक्की सूचना मिल जाने तक "जन सहयोग" ने अपने फ़र्ज़ अदा किये। राह भूले मां बच्चों की सहायता के लिए "जन सहयोग " संस्था तथा अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ने रात्रि में भी समय निकालकर जो भारी कोशिश की, उसकी सर्वत्र प्रशंसा की जा रही है। उन्हें सहयोग देने वालों में समाज सेवक शैलेंद्र देहारी तथा एक सज्जन पुलिस मैन मरकामजी भी थे, जिन्होंने मां बच्चों के भारी सामान स्वयं उठाकर रैन बसेरा तक पहुंचाए। इस प्रकार मोटवानी जी द्वारा एक बार फिर मानव सेवा की एक आदर्श मिसाल पेश की गई।
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