सरगुजा ओलंपिक 2026: कुश्ती में मनीष गुप्ता ने जीता दूसरा स्थान, परिवार के संघर्ष और मेहनत की दिखी मिसाल
सरगुजा ओलंपिक 2026: कुश्ती में मनीष गुप्ता ने जीता दूसरा स्थान, परिवार के संघर्ष और मेहनत की दिखी मिसाल
संवाद दाता रामकुमार प्रजापति संभाग ब्यूरो चिप
बरौल।
सरगुजा ओलंपिक 2026 के तहत आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में युवा खिलाड़ी मनीष गुप्ता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल कर अपने गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। हर मुकाबला रोमांच से भरा रहा, लेकिन मनीष ने अपने दमदार दांव-पेच, मजबूत आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास के बल पर एक-एक मुकाबला जीतते हुए फाइनल तक का सफर तय किया और उपविजेता बनने का गौरव प्राप्त किया।
मनीष के खेल को देखने वाले लोगों का कहना है कि उनके अंदर जीतने का जज़्बा और खेल के प्रति समर्पण साफ दिखाई देता है। मुकाबलों के दौरान उनकी फुर्ती, संतुलन और तकनीक ने दर्शकों और आयोजकों का भी ध्यान आकर्षित किया। फाइनल तक पहुंचना और दूसरा स्थान हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस सफलता के पीछे मनीष के परिवार का संघर्ष और त्याग भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मनीष के पिता रमेश गुप्ता गांव में मजदूरी का काम करते हैं और कड़ी मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित आय होने के बावजूद उन्होंने हमेशा अपने बेटे की पढ़ाई और खेल के सपनों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। कई बार आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने मनीष के अभ्यास और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए हर संभव सहयोग किया।
मनीष की माता ललिता गुप्ता एक गृहिणी हैं और उन्होंने भी बेटे को हमेशा हौसला दिया। परिवार के लोगों का कहना है कि मनीष बचपन से ही खेलों के प्रति बेहद उत्साही रहे हैं। खेत-खलिहानों और गांव के मैदानों में वे घंटों अभ्यास किया करते थे। माता-पिता ने भी कभी उनके हौसले को कम नहीं होने दिया और हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मनीष की इस उपलब्धि से उनके घर और गांव में खुशी का माहौल है। परिवार, रिश्तेदारों और गांव के लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्रामीणों का कहना है कि मनीष ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया कि अगर परिवार का साथ और खुद पर विश्वास हो, तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।
इस सफलता में उनके कोच लाल जी सर का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने मनीष को कुश्ती की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया और प्रतियोगिता के लिए पूरी तरह तैयार किया। वहीं पीएम श्री स्वामी आत्मानद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के प्रिंसिपल श्री गोवर्धन सिंह के संरक्षण और मार्गदर्शक शिक्षक श्री अमजद अली के मार्गदर्शन में मनीष ने अपनी तैयारी को और मजबूत बनाया। स्कूल परिवार ने भी उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है।
मनीष गुप्ता की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बनती जा रही है। खेल प्रेमियों का मानना है कि अगर मनीष इसी तरह मेहनत और लगन से आगे बढ़ते रहे, तो आने वाले समय में वे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी पहचान बना सकते हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन और परिवार के समर्थन से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।
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