जिला रायगढ़ के खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम परसकोल निवासी एक युवक की उपचार के दौरान रायपुर में मौत हो जाने से मामला गंभीर हो गया है। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर हिरासत में मारपीट करने का आरोप लगाते हुए मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम परसकोल निवासी रमेश लाल चौहान (पिता स्व. मोहन चौहान) को दिनांक 1 मार्च और 2 मार्च 2026 को खरसिया थाना पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। मृतक की पत्नी किरन चौहान ने आरोप लगाया है कि हिरासत के दौरान पुलिस द्वारा उनके पति के साथ कथित रूप से मारपीट की गई, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई।
परिजनों के अनुसार पुलिस ने ग्राम पंचायत के सरपंच को फोन कर बताया कि रमेश चौहान की तबीयत थाना में खराब हो गई है, जिसके बाद उन्हें खरसिया के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रायगढ़ रेफर करने की सलाह दी।
आरोप है कि इसी दौरान पुलिस द्वारा परिजनों से सुपुर्दनामा पर हस्ताक्षर करवाकर उन्हें अस्पताल में छोड़ दिया गया। आर्थिक तंगी के कारण परिजन उन्हें एक पिकअप वाहन से लेकर एसडीएम के पास पहुंचे और पूरी स्थिति से अवगत कराया। बताया जाता है कि एसडीएम द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के बाद उन्हें रायगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन कराने पर सिर की नस फटने और मस्तिष्क में रक्त जमने की जानकारी सामने आई। स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें रायपुर स्थित डीकेएस अस्पताल रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान 5 मार्च 2026 को रमेश चौहान की मृत्यु हो गई।
मृतक की पत्नी किरन चौहान ने इस पूरे मामले को पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत (कस्टोडियल डेथ) बताते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय रायपुर में प्रार्थना पत्र देकर न्यायिक जांच की मांग की है।
प्रार्थना पत्र में मांग की गई है कि मृतक का मेडिकल बोर्ड से वीडियोग्राफी सहित पोस्टमार्टम कराया जाए, पोस्टमार्टम में सभी बाहरी एवं आंतरिक चोटों का विस्तृत विवरण दर्ज किया जाए तथा धारा 176(1A) सीआरपीसी के तहत न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज व मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है।
इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और परिजन मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। फिलहाल मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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