भारतीय बौद्ध महासभा छत्तीसगढ प्रदेश रायपुर के द्वारा बोध गया का महाबोधि महाविहार के संचालन के लिए एक प्रबंध समिति का गठन किया गया है, जिसमें चार अन्य सदस्यों, चार बौद्ध सदस्यों को सामिल किया गया एवं गया जिले का कलेक्टर अध्यक्ष होगा किन्तु उस जिले का अध्यक्ष यदि कोई इसाई, मुस्लिम, फारसी या सिक्ख होगा तो वह महाबोधि महाविहार प्रबंध समिति का अध्यक्ष नही बन सकता यह ,B T Act 1949 में निर्धारित किया गया है ।
जब भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हो गया तो उसके पूर्व के नियम समाप्त हो जाना चाहिए, कुछ व्यक्तियों के द्वारा आज तक लागू रखा हैं ।
बोध गया में सिद्धार्थ गौतम ने ज्ञान प्राप्त कर बुद्ध बने वह महाबोधि महाविहार के नाम से जाना जाता हैं यह विश्वधरोहर हैं एवं विश्व के बौद्धों के आस्था का केन्द्र है जिसका प्रबंध गैर बौद्धो के हाथों में है ।
महाबोधि महाविहार बोध गया का संपूर्ण प्रबंध बौद्धो को सौंपे जाने एवं B T Act 1949 को निरस्त करने हेतू महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधान मंत्री जी के नाम ज्ञापन सौंपा गया हैं ।
जिसमें भारतीय बौद्ध महासभा के राष्ट्रीय ट्रस्टी आयुष्मती अलका बोरकर, भारतीय बौद्ध महासभा छत्तीसगढ प्रदेश के अध्यक्ष आयुष्मान भोजराज गौरखेड़े, महासचिव बेनीराम गायकवाड़ जिलाध्यक्ष प्रकाश रामटेके , जिला सचिव विजय गजघाटे,कोषाध्यक्ष जी एस मेश्राम, समता सैनिक दल से दिलीप रागासे, सुनील वान्द्रे , विजय चौहान, बी आर धावड़े, सुरेन्द्र गोडाने , राष्ट्रपाल वान्द्रे कमलेश रामटेके ,मकरंद घोड़ेस्वार, मदनलाल मेश्राम, पवन कुमार मेश्राम, प्रदीप रंगारी , ए के गोंडाने पी डी गेड़ाम, पुष्पा सचदेवे ,संध्या बोले , सुनंदा बघेल,वैशाली गायकवाड,मंगला गोंडाने , पुष्पा वैद्य, अरूणा लाढ़े, ज्योशना कामड़े ,नीना मेश्राम अनेक सदस्य उपस्थित थे ।
उक्त प्रेस विज्ञप्ति भारतीय बौद्ध महासभा छत्तीसगढ प्रदेश के महासचिव बेनीराम गायकवाड़ के जारी कर जानकारी प्रेषित की ।
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