श्री निवास मिश्रा
कटनी : मध्यप्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर उस समय सनसनी फैल गई जब RPF और संयुक्त सुरक्षा टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना-पुणे एक्सप्रेस से 167 संदिग्ध नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। ये सभी बच्चे बिहार के अररिया जिले के बताए जा रहे हैं, जिन्हें महाराष्ट्र के लातूर स्थित मदरसे ले जाया जा रहा था।
*क्या है पूरा मामला?*
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बच्चों के पास कोई ठोस दस्तावेज नहीं थे, जिससे मानव तस्करी और बाल श्रम की आशंका गहरा गई है। मौके से पुलिस ने 7 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
*एजेंसियां अलर्ट*
रेलवे सुरक्षा बल (RPF), स्थानीय पुलिस और बाल संरक्षण इकाइयों ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। सभी बच्चों को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।
*CWC की निगरानी में बच्चे*
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल कल्याण समिति (CWC) बच्चों की काउंसलिंग कर रही है और उनके दस्तावेजों की जांच जारी है।
*उठ रहे बड़े सवाल*
आखिर इतनी बड़ी संख्या में नाबालिगों को 1750+ किमी दूर क्यों ले जाया जा रहा था?
क्या यह मामला शिक्षा के नाम पर संगठित तस्करी का है?
बिहार में पढ़ाई संभव होने के बावजूद लातूर ही क्यों?
इन बच्चों के परिवारों की भूमिका और जानकारी क्या है?
*जांच जारी*
फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी है। यह मामला मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जिसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं।
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