संवाददाता: श्री निवास मिश्रा, मैहर
मैहर, 26 अप्रैल 2026। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने शनिवार शाम जिला अस्पताल मैहर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया और मौके पर उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्रीमती दिव्या पटेल, अस्पताल प्रभारी डॉ. आर.एन. पाण्डेय सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी एवं स्टाफ मौजूद रहे। कलेक्टर ने सबसे पहले अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों से जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में आने-जाने वाले लोगों की निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात कलेक्टर ने मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने रसोईघर का निरीक्षण कर भोजन की स्वच्छता, गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप वितरण की स्थिति का अवलोकन किया। कुछ स्थानों पर कमियां पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित जिम्मेदारों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी कलेक्टर ने विशेष ध्यान दिया। वार्डों, गलियारों और शौचालयों की स्थिति का निरीक्षण करते हुए उन्होंने साफ-सफाई में लापरवाही पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रसूति वार्ड के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने भर्ती महिला मरीजों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान एक महिला द्वारा पांचवें बच्चे को जन्म देने की जानकारी मिलने पर उन्होंने परिवार नियोजन कार्यक्रम के क्रियान्वयन पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि परिवार नियोजन संबंधी जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाया जाए तथा लाभार्थियों तक योजनाओं की सही जानकारी पहुंचाई जाए।
कलेक्टर श्रीमती मुखर्जी ने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अधिकतम लाभ मिल सके।
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी के माध्यम से अस्पताल की सेवाओं में सुधार लाने पर जोर दिया।
यह औचक निरीक्षण जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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