सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बरहिया में राशन घोटाला! कोटेदार की मिलीभगत से गरीबों के हक पर डाका*कम तौल, पुराने तराजू का खेल और प्रशासनिक चुप्पी—PDS व्यवस्था पर गंभीर सवाल



श्री निवास मिश्रा 
 मैहर:मैहर जिले की ग्राम पंचायत बरहिया से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। यहां गरीब हितग्राहियों को मिलने वाले राशन में खुलेआम हेराफेरी किए जाने के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कोटेदार और उसके कर्मचारी की मिलीभगत से कम तौलकर अनाज वितरण किया जा रहा है, जिससे जरूरतमंदों के हक पर सीधा डाका डाला जा रहा है।

*वीडियो ने खोली पोल*
स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो में पूरी व्यवस्था की सच्चाई सामने आ गई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जहां एक ओर सरकार डिजिटल सिस्टम की बात करती है, वहीं दूसरी ओर बरहिया में आज भी पुराने तराजू और बांट का इस्तेमाल हो रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तौल के दौरान कर्मचारी हाथ से कांटा दबाकर वजन कम करता है, और जिस पल्ले में बांट रखा जाता है, उसे पूरी तरह उठाया भी नहीं जाता। इससे साफ जाहिर होता है कि पूरी तौल प्रक्रिया ही संदिग्ध और मनमानी है।

*डर और मजबूरी में खामोश हितग्राही*
ग्रामीणों का कहना है कि इस गड़बड़ी के बावजूद कोई खुलकर विरोध नहीं कर पा रहा।

*कारण स्पष्ट है—डर और निर्भरता।*
राशन जैसी बुनियादी जरूरत के लिए कोटेदार पर निर्भर गरीब परिवार मजबूरी में कम अनाज लेकर भी चुप्पी साध लेते हैं।

 *नाप-तौल विभाग पर उठे सवाल*
इस पूरे मामले में नाप-तौल विभाग की भूमिका भी कटघरे में है।
विभाग का दायित्व है कि वह बाजारों और राशन दुकानों में उपयोग हो रहे उपकरणों की नियमित जांच करे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी सक्रियता लगभग न के बराबर नजर आ रही है।

*बड़े सवाल:*
क्या विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह गया है?
क्या ग्रामीण इलाकों में निरीक्षण की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है?

*पारदर्शिता के दावों पर सवाल*
सरकार जहां एक ओर डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था का दावा करती है, वहीं जमीनी स्तर पर ऐसी अनियमितताएं इन दावों की पोल खोल रही हैं।
बरहिया का यह मामला बताता है कि प्रणाली में सुधार की जरूरत अभी भी बेहद जरूरी है।

 *ग्रामीणों की मांग*
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए
दोषी कोटेदार और संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए
राशन वितरण प्रणाली को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाए। 

*निष्कर्ष:*
बरहिया का यह राशन घोटाला केवल एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में PDS व्यवस्था की हकीकत को उजागर करता है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो गरीबों का हक यूं ही लुटता

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बिर्रा के साहू मोहल्ला में युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, क्षेत्र में शोक की लहर

संवाददाता सरिता साइंस वाणी न्यूज़ छत्तीसगढ़ बिर्रा। स्थानीय साहू मोहल्ला में बुधवार शाम एक दुखद घटना सामने आई, जहां 35 वर्षीय युवक रोहित दास महंत ने अपने ही घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की खबर मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और आसपास के लोग मौके पर जुट गए। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक रोहित दास महंत, पिता अधीन दास, अपने परिवार के साथ साहू मोहल्ला में निवास करता था। बुधवार शाम वह अपने घर के एक कमरे में गया और कुछ देर बाद जब परिजनों ने उसे आवाज लगाई तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। दरवाजा अंदर से बंद होने पर शंका होने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ा, जहां रोहित फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। घटना को देखकर परिजनों के होश उड़ गए। तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी गई, जिसके बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिवार के सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल है और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई है। सूचना मिलते ही बिर्रा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं ...

पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ ने करण-किरण चौहान को ‘बेस्ट अवॉर्ड’ से किया सम्मानित

रायपुर। 5 अप्रैल जब मंच सजा, रोशनी चमकी और नाम पुकारा गया—तो तालियों की गूंज से पूरा सभागार हिल उठा! पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ के भव्य सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ के सुपरस्टार अभिनेता करण चौहान और किरण चौहान को उनके धमाकेदार अभिनय और शानदार योगदान के लिए ‘बेस्ट अवॉर्ड’ से नवाजा गया।  जैसे ही दोनों सितारों का नाम अनाउंस हुआ—पूरा हॉल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। हर किसी की जुबान पर बस एक ही नाम—करण और किरण चौहान!  अपनी जबरदस्त एक्टिंग, दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और सुपरहिट परफॉर्मेंस से दोनों कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई है। इनके हर अंदाज ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है।  सम्मान प्राप्त करते हुए दोनों कलाकारों ने भावुक होकर कहा— “यह अवॉर्ड हमारे लिए सम्मान ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। हम आगे भी अपने प्रदेश का नाम और ऊंचा करेंगे। समारोह में मौजूद गणमान्य अतिथियों और पत्रकारों ने भी दोनों कलाकारों की जमकर सराहना की और कहा कि ऐसे ही कलाकार छत्तीसगढ़ की संस्कृति को देशभर में नई पहचान दिला रहे हैं।  कुल मिलाकर—यह शाम बन गई यादगार, और क...

पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ ने ललित राज चौहान को ‘बेस्ट अवॉर्ड’ से किया सम्मानित

  रायपुर। 5 अप्रैल रोशनी से जगमग मंच, सितारों से सजी महफिल और जैसे ही नाम पुकारा गया—पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा! पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ के भव्य सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री के चमकते सितारे ललित राज चौहान को उनके शानदार अभिनय और बेहतरीन योगदान के लिए ‘बेस्ट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। जैसे ही उनका नाम अनाउंस हुआ, हर तरफ जोश और उत्साह देखने लायक था—हॉल में मौजूद हर शख्स की जुबान पर सिर्फ एक ही नाम था—ललित राज चौहान! अपनी दमदार एक्टिंग, जबरदस्त स्क्रीन प्रेजेंस और सुपरहिट परफॉर्मेंस के दम पर उन्होंने छत्तीसगढ़ सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई है। उनके हर किरदार ने दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी है। सम्मान प्राप्त करते हुए भावुक होकर उन्होंने कहा— “यह अवॉर्ड हमारे लिए गर्व के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। हम आगे भी अपने प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए पूरी मेहनत करेंगे।” कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों और पत्रकारों ने भी कलाकारों की जमकर सराहना की और कहा कि ऐसे ही प्रतिभाशाली कलाकार छत्तीसगढ़ की संस्कृति को देशभर में नई पहचान दिला रहे है...