बिलासपुर। जिले में महिला सुरक्षा और पुलिस कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम करही (घुटकू-निरतु) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो सगी बहनों पर उनके ही पति और जेठ ने तलवार और लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया।
घायल अवस्था में सिर पर पट्टी और हाथों में जख्म लिए पायल लोनिया और अंजना लोनिया अपनी मां उर्मिला लोनिया के साथ शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और SSP रजनेश सिंह से न्याय की गुहार लगाई।
दहेज प्रताड़ना के बाद जानलेवा हमला
पीड़ित बहनों का आरोप है कि उनके पति और जेठ लंबे समय से दहेज को लेकर प्रताड़ित कर रहे थे। हालांकि, पहले एक लिखित इकरारनामा भी हुआ था, जिसमें आरोपियों ने भविष्य में प्रताड़ना न करने की बात स्वीकार की थी। लेकिन इसके बावजूद हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ गए, और उन पर जानलेवा हमला कर दिया गया।
*कोनी पुलिस पर गंभीर आरोप*
मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि पीड़ित परिवार ने कोनी पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि:
थाने में शिकायत दर्ज नहीं की गई
उल्टा उन्हें वहां से भगा दिया गया
पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया
*SSP ने लिया संज्ञान, कार्रवाई के निर्देश*
पीड़ितों की आपबीती सुनने के बाद SSP रजनेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कोनी पुलिस को फटकार लगाई और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
*सवालों के घेरे में पुलिस व्यवस्था*
एक ओर IG और SSP स्तर पर
लगातार बैठकों में अपराधियों पर सख्ती और आम जनता के साथ मित्रवत व्यवहार के निर्देश दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत नजर आ रही है।
*बड़ा सवाल:*
क्या महिला संबंधी गंभीर अपराधों में पुलिस का ऐसा रवैया कानून और मानवता के अनुरूप है?
यह मामला न सिर्फ घरेलू हिंसा का है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से न्याय दिला पाता है।

टिप्पणियाँ