"मानवाधिकार स्वाभिमान डोला यात्रा एवम सम्मान सभा समारोह का आयोजन सफलतापूर्वक संम्पन्न*
संवाददाता
नरेंद्र कुर्रे, एवं नरेन्द्र
सांइस वाणी न्यूज-
सारंगढ़ बिलाईगढ़ -गुरुघासीदास सेवादार संघ( GSS)
के तत्वाधान में एतिहासिक ई.1883
के जन संघषों की स्मृति में असमानता के खिलाफ लगातार 19 वें वर्ष मानव अधिकार स्वाभिमान डोला यात्रा एवं डोला यात्रा सम्मन सभा का आयोजन रखा गया मुंगेली में रखा गया जहाँ
वर्षों पूर्व जब घोड़ा में बैठने, डोला में बहू ले जाने, मूंछ रखने, पगड़ी पहने, उच्च वर्ग के घर के सामने जूता/चप्पल पहनने आदि का धार्मिक ठेकेदारों द्वारा अनुमति नही था। इनके फरमान के विपरीत करने पर हत्या कर दिया जाता और आज भी वर्तमान में प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से हो रहा है।*
*तब इन सामंती राजकीय कानून सिध्दांतो के प्रतिरोध में ई.1883 में साहेबश्री भुजबल महंत साहब के नेतृत्व में क्रांतिकारी सतनाम आंदोलनकारियों ने बहु-बेटी के इज्जत-सम्मान के लिये डोला प्रथा का ऐतिहासिक जनसंघर्ष कर जीत हासिल किया था।*
जिसकी याद में प्रतिवर्ष कि भांति, इस वर्ष भी दिनांक - 28 अप्रैल 2026, दिन - मंगलवार को इस ऐतिहासिक जनसंघर्षों की स्मृति में *गुरुघासीदास सेवादार संघ [GSS]* द्वारा 19 वें वर्ष में *"मानवाधिकार स्वाभिमान डोला-यात्रा " एवं डोला सम्मान सभा* का कार्यक्रम किया गया।
मानवाधिकार स्वाभिमान डोला-यात्रा एवं डोला सम्मान सभा कड़कती धूप में भी 10:00 बजे नवलपुर [ढारा] ,जिला -बेमेतरा से "डोला -यात्रा" [पथ प्रदर्शन - रोड शो ] प्रारम्भ हुआ।पथ प्रदर्शन - रोड शो करते हुए डोला यात्रा का काफिला बेमेतरा (ग़ांधी मैदान) में पहुँचा , जहां GSS प्रमुख *लखन सुबोध* ने संबोधित किया । इसके बाद पुनः डोला यात्रा का काफिला क्रांतिकारी नारा ,फौज फटाके ,आतिशबाजी के साथ बेमेतरा - मुंगेली मुख्य सड़क मार्ग होते हुए , नवागढ़ के लिए रवाना हुआ । डोला यात्रियों द्वारा नवागढ़ (मेन रोड चौक) में भाजपा सरकार की कुनिती के खिलाफ मुखर होकर गरजते हुए,नारा लगाते आगे बढ़ा।
डोला को रास्ते मे पड़ने वाले गॉंवों में भी जगह - जगह डोला यात्रा का सम्मान किया गया ।
रायपुर गेट मुंगेली के पास से पथ - प्रदर्शन - रोड शो करते हुए रैली के साथ डोला मुंगेली एवं छत्तीसगढ़ के तमाम जिलों से डोला यात्रा में शामिल सैकड़ों लोगो द्वारा लंबी कतारबद्ध लाइन बनाकर डोला- यात्रा में जोरदार रोड शो - पथ प्रदर्शन के साथ आतिशबाजी , फौज फटाके , नारा (सतनामियों के तमाम ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में शामिल करो और सभी सतनाम धर्म स्थलों को आम सतनामियों के बालिग मताधिकार अनुसार कानूनी मान्यता दो)लगाते हुए सभी लोग अपने उस महान जननायक भुजबल महंत साहब को याद कर रहे थें , जिनकी अगुवानी में [इस डोला यात्रा में सतनामियों एवं सामंतवादी ताकतों के बीच बहुचर्चित संघर्ष हुआ था।
यह घटना करीब *1883 ई.* के आसपास की है। विशेषकर नवगढ़िया क्षेत्रों में नवागढ़ राज (वर्तमान बेमेतरा - मुंगेली जिला इलाका) के ग्राम - नवलपुर (ढारा) सतनाम आंदोलन का एक महत्वपूर्ण गढ़ रहा है। सतनाम - आंदोलन के प्रमुखों में से एक साहेबश्री *भुजबल महंत* यहीं के निवासी थे। ( पूरे इतिहास की जानकारी GSS कैडर क्लास बुक में पढ़ सकते हैं)] रोड शो करते हुए मुंगेली नगर भ्रमण करते हुए डोला-यात्रा मुंगेली (सतनाम जैतखाम- करही) पहुंचा।
गुरुघासीदास सेवादार संघ [GSS ] की 19 वें वर्ष में *मानवाधिकार स्वाभिमान डोला - यात्रा* एंव इस डोला संम्मान सभा मे आए हुए मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में भारतीय संविधान (अंबेडकरी संविधान) को ख़त्म कर भाजपा /RSS के लोगों द्वारा मनुस्मृति लागू करने का नाकाम कोशिश किया जा रहा है। ऐसे संविधान विरोधियों को (वोट की चोट ) देकर सबक सिखाने की ज़रूरत है। जिससे लोकतंत्र को बचाया जा सके।
ज्ञातव्य हो कि यह घटना इतना प्रसिध्द हुआ था कि, लोकगीतों में भी इसकी गूंज सुनाई देती है। लोकनाचा में ‘ *रन खेत माड़गे संगी रे चिरहुला के लड़ाई में रन खेत माड़गे' (अर्थात् सुनो संगी चिरहुला में एक जबर्दस्त रन लड़ाई हुआ)।*
इस कार्यक्रम की मुख्य नेतृत्वकर्ता –अध्यक्षता कर रहे *साहेबश्री लखन सुबोध ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि, हमारी संगठन [GSS] गुरुघासीदास व सतनाम आंदोलन के इतिहास का शोध - खोज किया और यह काम 26 वर्षों से जारी है । हमारे इतिहास को दबा दिया गया था , जिसे खोजकर समाज जहान के बीच लाया गया है। इसे ही गड़े मुर्दे को खोदना कहते हैं।हम नदी में बहने वाले धार के उलट चलने का काम करते हैं । नदी के धार में बहुत लोग चलते हैं ,लेकिन उसके विपरीत कुछ ही लोग चल पाते हैं और यह काम केवल हमारी संगठन GSS कर रहा है । इसका साफ उदाहरण समाज के बीच गुरुघासीदास, गुरुबालकदास, भुजबल महन्त साहब का डोला प्रथा इतिहास सामने है।*
डोला यात्रा के मुख्य अतिथि *श्री जिग्नेश मेवाड़ी* (विधायक एवं प्रख्यात बहुचर्चित मानवाधिकार डिफेंडर, गुजरात) कई राज्यों में चुनावी प्रक्रिया के कारण सशरीर उपस्थित नहीं हो सके एवं श्री सुधीर कटियार (प्रख्यात सोशल एक्टिविस्ट, राजस्थान)ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वीडियो बनाकर ऑनलाइन संबोधित किया।
इस प्रकार से सभी उन अतिथियों द्वारा बारी -बारी से भुजबल महंत साहब के जन संघर्षो को याद किया गया और यह भी दुहराया गया कि, आज देश के अंदर दलितों,आदिवासियों, किसानों , मजदूरों और धार्मिक अल्पसंख्यको के ऊपर खुलेआम हमले हो रहें है। उसका घोर विरोध करते हुए ,इसका डटकर मुकाबला करने के लिए आह्वान किया गया और ई. 1883 में जो ऐतिहासिक कार्य जन संघर्ष हुआ ,उससे सबक लेकर आज फासिस्टों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया गया ।
इस डोला यात्रा में निम्न लोगों की उपस्थिति सराहनीय रहा -
*विशिष्ट अतिथि - वक्तागण-*
जनाब *वाहिद सिद्दीकी* ( अध्यक्ष–जमात ए इस्लामी हिंद बिलासपुर)* सुश्री *आशा सुबोध* (वरिष्ठ कवयित्री), पास्टर *अनिसचरन* (बिलासपुर), एडवोकेट *दीपाली गुप्ता* (ह्यूमन राईट एक्टिविस्ट बिलासपुर), पास्टर *राजेश मैथ्यू* (जरहागांव) एडवोकेट *अंजना बंजारे* (सोशल एक्टिविस्ट बिलासपुर) एड *दिवेश कुमार* (सोशल एक्टिविस्ट बिलासपुर) , एड.*सुधीश्चरन* (बिलासपुर) और श्री *नरेंद्र कुर्रे* (बिलाईगढ़) उपस्थित रहे एवं पास्टर *राजेश मैथ्यू* शामिल रहे।
*विशिष्ट उपस्थिति-*
*एम.डी.सतनाम* (केन्द्रीय संगठक GSS), श्री *मिश्रीलाल खांडे* (अध्यक्ष –SDSSM), श्री *राधेश्याम* सांस्कृतिक विभाग GSS ,श्री *वीरेंद्र भारद्वाज* (प्रवक्ता GSS/ महासचिव LSU), श्री *केशव सतनाम*कार्यकारिणी सदस्य GSS ,श्री *रामनारायण भारती* GSS जिला प्रवक्ता रायपुर, श्री *दिनेश सतनाम* GSS जिला संगठक रायपुर एवं मंच संचालन *श्री तामेश्वर अनंत* (केन्द्रीय कार्यकारिणी GSS) , श्री *सुशील अनंत* (जिला संयोजक जांजगीर चांपा), श्री *गजेश सांडे* केंद्रीय कार्यकारिणी द्वारा किया गया। स्वागत भाषण *एम .डी. सतनाम* (केन्द्रीय संगठक GSS) एवं आभार प्रदर्शन *रूपदास टंडन* (डोला यात्रा GSS आयोजन प्रभारी) द्वारा किया गया और कार्यक्रम समापन की घोषणा किया।
*आयोजन कमेटी से -*
*महेश आर्य, किशोर सोनवानी, भावसिंह चतुर्वेदी, नेतराम खांडे, राजेश जांगड़े, श्यामचंद मिरी, गुलाब आर्य, फिरत मिरी, कलब आर्य , निलेश खांडे , हरि बांधे* आदि शामिल रहे l
कार्यक्रम में सारंगढ़ बिलाईगढ़ से साइंस वाणी जिला सवांददाता विरेन्द्र कुमार ,सारंगढ़ बिलाईगढ़ अतिरिक्त जिला ब्यूरो चीफ नरेन्द्र कुर्रे(मूलनिवासी) बिशिष्ट अतिथि वक्ता के रूप में उपस्थित रहे तथा अन्य साथी टुकेश्वर बंजारे ,शिवचरण खुटे, सुखराम देवांगन झुनेश्वर कुर्रे पहुचे थे
गुरुघासीदास सेवादार संघ [GSS] के उन सभी सेवादारों के अथक मेहनत और अपने सुच- बुझ के साथ इस मानवाधिकार स्वाभिमान डोला - यात्रा एंव डोला सम्मान सभा को सफल बनाया । यह आह्वान किया कि, आने वाला समय मे यह डोला- यात्रा छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक इतिहास रचेगा यह यात्रा छत्तीसगढ़ ही नहीं अपितु देश के हर कोने - कोने तक इसकी गूंज जायेगी।



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