लारीपानी–फुठामुड़ा जंगल में भीषण आग, जान बचाने सड़कों पर भटक रहे वन्य जीवजंगल में आग से पर्यावरण को भारी नुकसान, पशु-पक्षी सड़कों पर—वाहनों की चपेट में आकर हो रहे घायल व मृत, संबंधित अधिकारी बने मूकदर्शक
संवाददाता – राजाराम चौहान
साइंस वाणी न्यूज़, लैलूंगा
लैलूंगा। रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र अंतर्गत लारीपानी–फुठामुड़ा जंगल में इन दिनों भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। जंगल में लगी आग लगातार फैलती जा रही है, जिससे वन क्षेत्र में रहने वाले वन्य जीवों और पशु-पक्षियों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है। आग की भयावह स्थिति के कारण जंगल के जानवर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भटकते हुए सड़कों तक पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार जंगल में लगी आग के कारण हिरण, खरगोश, सियार, जंगली सूअर सहित कई छोटे-बड़े वन्य जीव जंगल छोड़कर बाहर निकलने को मजबूर हो गए हैं। यही नहीं, कई पक्षी भी अपने घोंसलों से उड़कर सुरक्षित स्थान की तलाश में भटकते दिखाई दे रहे हैं।
स्थिति यह है कि जंगल से निकलकर सड़क पार करते समय कई वन्य जीव तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर घायल हो रहे हैं, वहीं कुछ की मौके पर ही मौत भी हो रही है। इस घटना से क्षेत्र के लोगों में चिंता और आक्रोश का माहौल देखने को मिल रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में लगी आग से न केवल वन्य जीवों का जीवन संकट में है, बल्कि पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। आग की वजह से बड़ी संख्या में पेड़-पौधे और वन संपदा नष्ट हो रहे हैं, जिससे जंगल की जैव विविधता पर भी खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जंगल में आग लगने की सूचना होने के बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या को लेकर सक्रिय नहीं दिख रहे हैं। लोगों का कहना है कि जहां एक ओर शासन और वन विभाग द्वारा “पौधे लगाओ, पर्यावरण बचाओ” जैसे अभियान चलाए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर जंगलों में लगने वाली आग को रोकने और उस पर समय रहते नियंत्रण पाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग से मांग की है कि जंगल में लगी आग पर तत्काल काबू पाने के लिए आवश्यक संसाधन और टीम भेजी जाए, ताकि आग को फैलने से रोका जा सके। साथ ही वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए जंगल से गुजरने वाली सड़कों पर विशेष निगरानी और सतर्कता बरती जाए, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना और वन्य जीवों की मौत को रोका जा सके।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस भीषण आग पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो जंगल की हरियाली, वन्य जीवों का जीवन और पर्यावरण तीनों को गंभीर नुकसान झेलना पड़ सकता है। लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
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