संवाद दाता रामकुमार प्रजापति संभाग ब्यूरो चिप
जानकारी के अनुसार पंचायत चुनाव को लगभग एक वर्ष का समय बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद पंचायत भवन में प्रशासनिक कार्यों के लिए उचित व्यवस्था अब तक नहीं बन पाई है। पंचायत भवन के कई कमरों में पीडीएस का राशन रखा होने के कारण सरपंच, पंच, सचिव तथा अन्य पंचायत कर्मियों को एक ही सभा कक्ष में बैठकर कार्य करना पड़ रहा है। यही नहीं, पंचायत से जुड़े कई जरूरी कार्य—जैसे प्रमाण पत्र, योजनाओं से संबंधित आवेदन, ग्राम विकास से जुड़े निर्णय और अन्य प्रशासनिक कार्य—भी इसी एक कमरे में निपटाए जा रहे हैं।
इस स्थिति के कारण ग्रामीणों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई बार एक ही समय में अलग-अलग काम होने के कारण लोगों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। पंचायत से जुड़े कार्यों के लिए आने वाले ग्रामीणों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
उपसरपंच ने उठाई समस्या
ग्राम पंचायत के उपसरपंच अनुराग सिंह देव ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए जनपद पंचायत भैयाथन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को लिखित रूप से अवगत कराया है। उन्होंने मांग की है कि पंचायत भवन में जनप्रतिनिधियों और पंचायत कर्मचारियों के बैठने तथा कार्य करने की समुचित व्यवस्था जल्द सुनिश्चित की जाए।
उपसरपंच अनुराग सिंह देव का कहना है कि पंचायत भवन का उपयोग प्रशासनिक कार्यों के लिए होना चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति में भवन गोदाम में तब्दील हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि पंचायत भवन में जनप्रतिनिधियों के लिए उचित व्यवस्था नहीं होगी तो पंचायत के विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करना मुश्किल हो जाएगा।
ग्रामीणों की लंबे समय से मांग
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से अलग पीडीएस भवन या गोदाम बनाने की मांग की जा रही है, ताकि राशन का भंडारण पंचायत भवन में न करना पड़े। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन में खाद्यान्न भंडारण होने के कारण पंचायत का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। पंचायत भवन में बैठकों का आयोजन, ग्रामसभा, योजनाओं की समीक्षा और अन्य प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
जल्द समाधान की उम्मीद
ग्रामीणों और पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत भवन को जल्द खाली कराया जाए और पीडीएस खाद्यान्न के लिए अलग गोदाम की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि यदि पंचायत भवन को उसके मूल उद्देश्य के अनुसार उपयोग में लाया जाएगा, तभी पंचायत का कार्य व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेगा।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और पंचायत भवन को पीडीएस भंडारण से मुक्त कराकर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
टिप्पणियाँ