*क्रांतिज्योति माता सावित्रीबाई फुले ने नारी और समाज को ये 7 संदेश दिए:*
*1. शिक्षा ही सच्चा गहना है*
"सोने-चांदी के गहने टूट जाएंगे, पर विद्या का धन कभी नहीं छूटेगा। बेटी को पढ़ाओ, उसे अपने पैरों पर खड़ा करो।"
*2. अंधविश्वास छोड़ो, तर्क अपनाओ*
"पोंगा-पंडित के जाल में मत फंसो। पूजा-पाठ से नहीं, मेहनत और ज्ञान से भाग्य बनता है। अपना दिमाग इस्तेमाल करो।"
*3. बाल विवाह पाप है*
"कच्ची उम्र में ब्याह कर बेटी का बचपन मत छीनो। पहले उसे पढ़ने दो, समझदार बनने दो, फिर शादी करना।"
*4. विधवा का भी सम्मान है*
"पति के मरने पर स्त्री को जिंदा जलाना या सिर मुंडवाना बंद करो। विधवा को भी जीने, पढ़ने और दोबारा शादी का हक है।"
*5. मेहनत से मत शर्माओ*
माता खुद कचरा उठाती थीं, प्लेग के मरीजों की सेवा करती थीं। संदेश दिया - "कोई काम छोटा नहीं, इज्जत मेहनत से मिलती है।"
*6. संगठित होकर लड़ो*
"अकेली औरत को समाज दबा देता है। स्कूल खोलो, सत्यशोधक समाज बनाओ, एक होकर अन्याय से लड़ो।"
*7. लड़का-लड़की एक समान*
"बेटा कुल का दीपक है तो बेटी भी घर का उजाला है। कोख में बेटी को मत मारो, उसे भी जीने का हक दो।"
*माता सावित्रीबाई फुले का मूल मंत्र:*
*_"विद्या बिना मति गई, मति बिना नीति गई,
नीति बिना गति गई, गति बिना वित्त गया,
वित्त बिना शूद्र खचले, इतने अनर्थ एक अविद्या ने किए"_*
मतलब: शिक्षा नहीं होगी तो इंसान जानवर बन जाएगा।
*जय ज्योति | जय सावित्री | जय शिक्षा क्रांति* 🙏
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