1 मई - *अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस* पर बाबा साहब को याद करना जरूरी है। भारत के मजदूरों को जो अधिकार आज मिले हैं, उसकी नींव बाबा साहब ने ही रखी थी।
*बाबा साहब के प्रमुख योगदान:*
*1. 8 घंटे काम का नियम*
1932 से पहले भारत में मजदूरों से 12-14 घंटे काम कराया जाता था। 1942 में वायसराय की काउंसिल में श्रम सदस्य रहते हुए बाबा साहब ने *8 घंटे काम* का कानून बनवाया।
*2. न्यूनतम मजदूरी कानून*
मजदूरों को मालिक की मर्जी का गुलाम न रहना पड़े, इसलिए *Minimum Wages Act* की अवधारणा दी। 1948 में ये कानून बना।
*3. महिला मजदूरों के अधिकार*
- *मातृत्व लाभ अधिनियम*: गर्भवती महिलाओं को सवेतन अवकाश
- *समान काम, समान वेतन*: महिला-पुरुष मजदूरी में भेदभाव खत्म किया
- खदानों में महिलाओं के रात में काम करने पर रोक
*4. कर्मचारी भविष्य निधि (EPF)*
बुढ़ापे में मजदूर को सहारा मिले, इसके लिए *EPF Act 1952* की नींव रखी। आज करोड़ों मजदूरों का भविष्य सुरक्षित है।
*5. कर्मचारी राज्य बीमा (ESIC)*
बीमारी, दुर्घटना में मजदूर और परिवार को इलाज मिले - *ESIC Act 1948* बाबा साहब की देन है।
*6. ट्रेड यूनियन को मान्यता*
मजदूरों को संगठित होने और अपने हक के लिए लड़ने का कानूनी अधिकार दिलाया।
*7. रोजगार कार्यालय*
बेरोजगारों को काम दिलाने के लिए *Employment Exchange* की शुरुआत की।
*बाबा साहब का संदेश:*
"मजदूरों की मुक्ति बिना सामाजिक और आर्थिक समानता के संभव नहीं। शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो।"
आज जो छुट्टी, PF, ESI, 8 घंटे ड्यूटी, ओवरटाइम मिलता है - वो बाबा साहब की वजह से है।
*जय भीम | जय मजदूर | जय संविधान* 🙏
*क्रांतिकारी पार्वती साहू*
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