बोधगया में चतुर्थ बुद्ध अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव संपन्न; ग्लोबल बुद्धा यूनिवर्सिटी के निर्माण में आएगी तेजी
बोधगया, बिहार | 1 मई 2026
ज्ञान और शांति की पावन भूमि बोधगया में 2570वीं बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर **चतुर्थ बुद्ध अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव** का भव्य आयोजन किया गया। मगध विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित इस गरिमामय समारोह में विश्व भर के साहित्यकारों, विद्वानों और संस्कृति प्रेमियों का संगम देखने को मिला।
### **शिक्षा और पर्यटन का नया केंद्र: ग्लोबल बुद्धा यूनिवर्सिटी**
महोत्सव के संस्थापक **डॉ. सुरेश प्रियदर्शी** ने इस ऐतिहासिक अवसर पर एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बोधगया में **ग्लोबल बुद्धा यूनिवर्सिटी** की स्थापना के कार्य में अब और तेजी लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मिशन को धरातल पर उतारने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है।
यह टीम जल्द ही बिहार सरकार और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर विश्वविद्यालय के लिए भूमि आवंटन और प्रारंभिक फंड जारी करने का आग्रह करेगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बिहार को शिक्षा के वैश्विक केंद्र के रूप में पुनर्स्थापित करना है।
**मिशन में सहभागी प्रमुख व्यक्तित्व:**
इस महत्वाकांक्षी परियोजना में डॉ. सुरेश प्रियदर्शी के साथ कई प्रमुख विद्वान और शिक्षाविद् कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं, जिनमें डॉ. सुषमा (पटना), डॉ. पिंटू (मगध विश्वविद्यालय), डॉ. सुधांशु चक्रवर्ती, डॉ. नीतू चौहान, अभिषेक कुमार, डॉ. नूतन कुमारी और बीएचयू के डॉ. पांडेय मुख्य रूप से शामिल हैं।
### **सरकार का सकारात्मक रुख: पटना में होगी निर्णायक वार्ता**
विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। डॉ. सुरेश प्रियदर्शी की बिहार के **उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी** के साथ दिल्ली में हुई सकारात्मक मुलाकात के बाद, अब पटना में निर्णायक चर्चा का मार्ग प्रशस्त हुआ है। श्री चौधरी ने इस परियोजना को बिहार के पर्यटन और शैक्षणिक विकास के लिए एक 'बड़ा बूस्टर' बताया है।
### **वर्ष 2027 में वियतनाम में होगा आयोजन**
बुद्ध अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव अब वैश्विक सीमाओं को लांघ रहा है। डॉ. प्रियदर्शी ने घोषणा की कि **वर्ष 2027** में इस महोत्सव का आयोजन दक्षिण-पूर्व एशियाई देश **वियतनाम** में किए जाने की प्रबल संभावना है।
### **सहभागी विद्वानों एवं गणमान्य अतिथियों की सूची**
इस महोत्सव की सफलता में बिहार और देश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के शोधार्थियों और प्राध्यापकों ने सक्रिय भूमिका निभाई:
* **डॉ. सुधांशु कुमार चक्रवर्ती:** रंगकर्मी एवं साहित्यकार, वैशाली।
* **डॉ. नीतू चौहान:** सहायक प्राध्यापिका, शिक्षा विभाग, पटना विमेंस कॉलेज।
* **डॉ. लक्ष्मी कुमारी:** सहायक प्राध्यापक, राजनीति विज्ञान, सुपौल।
* **डॉ. मो. शकीबुर्रहमान:** इतिहास विभाग, बीएमबी कॉलेज, मधेपुरा।
* **डॉ. सुषमा कुमारी:** हिंदी विभाग, जगत नारायण लाल कॉलेज, पटना।
* **अजित कुमार & सनोज कुमार मांझी:** शोधार्थी/छात्र, मगध विश्वविद्यालय।
* **बृजेश कुमार पांडेय:** राजनीति विज्ञान विशेषज्ञ, शेरघाटी।
* **डॉ. स्वेता शरण:** आर.जे.एम. कॉलेज, बी.एन.एम.यू.।
* **डॉ. सुजीत कुमार बसंत:** समाजशास्त्र, दरभंगा।
* **सागर सौरव:** अतिथि प्राध्यापक, दिल्ली विश्वविद्यालय।
* **डॉ. अनीता कुमारी:** समाजशास्त्र विभाग, पटना विमेंस कॉलेज।
* **प्रिंस कुमार:** नालंदा विश्वविद्यालय।
> "2570वीं बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर लिया गया यह संकल्प बिहार की बौद्धिक विरासत को पुनर्जीवित करेगा। ग्लोबल बुद्धा यूनिवर्सिटी न केवल शिक्षा का केंद्र होगी, बल्कि यह दुनिया भर के शोधकर्ताओं के लिए एक सेतु का कार्य करेगी।"
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