चलो बुद्ध विहार की ओर , योजना के अंतर्गत प्रति रविवार की तरह दिनांक 3 मई को प्रातः काल में , डॉक्टर अंबेडकर बुद्ध विहार, अग्रोहा कॉलोनी डी डी नगर रायपुर छत्तीसगढ़ में सर्व प्रथम,तथागत बुद्ध एव बोधिसत्व डॉ भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा के समक्ष धूप दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किया गया है ।
त्रिशरण पंचशील बुद्ध धम्म संघ की वंदना कर, आना पान सती ध्यान साधना की गई है ।आयुष्मति वीणा रायकर ने भगवान बुद्ध और उनका धम्म ग्रंथ से एक पाठ का वाचन किया । धम्म पालन गाथा कर कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया है ।
आयु सुनिल गणवीर ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक २३ से २६ अप्रैल तक करीब ५० सदस्यों की टीम लेकर धम्म यात्रा कराई , मध्य प्रदेश के अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रथम आई ये एस आयु
सत्यजीत ठाकुर साहब ने अपने समाज के लोगों को जागरूक करने स्वयं के खर्च पर कराया है, जिससे रतनपुर में महामाया मंदिर जो की एक बुद्ध विहार है और सिद्धार्थ गौतम बुद्ध की माँ के नाम पर बना हुआ है,उसके बाद राजिम में स्थित राजीव लोचन मंदिर के दर्शन कराये यह वास्तव में तथागत बुद्ध का ही एक नाम है राजीव लोचन यहाँ बुद्ध की प्रतिमा स्थापित है,नासिक में कालाराम मंदिर दिखाया इस मंदिर के गुम्बद पर बुद्ध की प्रतिमा बनी हुई हैं यह भी बुद्ध विहार है बाबा साहब ने इसी कालाराम मंदिर प्रवेश के लिये आंदोलन किया था । इसके बाद उन्होंने और भी कई बुद्ध स्थलों का भ्रमण कराया है ।आयु सत्य जीत ठाकुर साहब ने अभनपुर के पास सिंगार भाटा गांव में ध्यान साधना केंद्र एव बुद्ध धम्म प्रचार प्रसार के लिए १० एकड़ ज़मीन खरीदकर उस पर ध्यान साधना केंद्र भवन का निर्माण कराया है ताकि सभी समाज के लोग जाकर भगवान बुद्ध की शिक्षा प्राप्त कर सकें ।
आज की उपस्थिति में, एडवोकेट जी एस बावनगड़े, डॉ रमेश कुमार सुखदेवे,इंजीनियर सी डी खोबरागड़े,आयुष्मती जयश्री खोबरागड़े, भारती टेम्भेकर, आयु दीनदयाल रायकर,अनिल टेंभेकर, ओ डी तिरपुड़े, राजेन्द्र शेंडे, सुरेन्द्र कुमार कोल्हेकर, शिव कुमार, इत्यादि सदस्यों की उपस्थिति रही । इस कार्यक्रम की जानकारी प्रेश विज्ञप्ति जारी करने इंजीनियर सी डी खोबरागड़े राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संस्कार विभाग भारतीय बौद्ध महा सभा रायपुर छ ग द्वारा दी गई है ।
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