जिलाधिकारी सत्य प्रकाश के कुशल नेतृत्व में चकबंदी कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति, ललितपुर को प्रदेश में 13 वां स्थान प्राप्त किया
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश के कुशल नेतृत्व में चकबंदी कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति, ललितपुर को प्रदेश में 13 वां स्थान
हापुड़ न्यूज़ ब्यूरो चरन सिंह
ललितपुर। चकबंदी निदेशालय, लखनऊ द्वारा जारी जनपदवार रैंकिंग में जनपद ललितपुर ने प्रदेश के 75 जनपदों में 13वां स्थान प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह सफलता जिलाधिकारी सत्य प्रकाश के कुशल, दूरदर्शी एवं प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है। जिलाधिकारी द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के तत्काल बाद से ही चकबंदी जैसे जटिल एवं वर्षों से लंबित कार्यों को प्राथमिकता देते हुए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं तथा चकबंदी विभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारी को जमीनी स्तर पर कार्य करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए।जिलाधिकारी के सतत अनुश्रवण एवं सख्त प्रशासनिक नियंत्रण के चलते जनपद में चकबंदी कार्यों को नई गति मिली। वर्तमान में जनपद के 77 ग्रामों में चकबंदी प्रक्रिया गतिमान है, जिनमें कई ऐसे ग्राम शामिल हैं जहाँ वर्षों से कार्य बाधित था। वर्ष 2025-26 के दौरान अनेक ग्रामों में सर्वे/तरमीम, नए चकों का निर्धारण एवं कृषकों को स्थल पर कब्जा परिवर्तन की कार्यवाही सफलतापूर्वक पूर्ण कराई गई है। इससे न केवल कृषकों को राहत मिली है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में चक मार्गों की बेहतर व्यवस्था भी सुनिश्चित हुई है।
जिलाधिकारी के निर्देशन में परिवादों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया यहां तक कि जिलाधिकारी ने अपने कार्यालय में नियमित जनसुनवाई के दौरान एक चकबंदी अधिकारी मसूद शेरवानी को अपने साथ ही बैठा लिया और इस दौरान आने वाली चकबंदी शिकायतों को मौके पर ही निस्तारण कराया इसका परिणाम यह रहा कि चकबंदी से संबंधित 98.28 प्रतिशत परिवादों का संतोषजनक निस्तारण कर जनपद को प्रदेश में 15वां स्थान प्राप्त हुआ, वहीं न्यायिक वादों के निस्तारण में जनपद ने प्रदेश स्तर पर 14वां स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि प्रशासन की कार्यकुशलता एवं जवाबदेही को दर्शाती है।पूर्व में कार्मिकों की कमी के कारण चकबंदी कार्य की गति धीमी देखी गई लेकिन जिलाधिकारी सत्य प्रकाश के प्रयासों से पर्याप्त संख्या में चकबंदी कार्मिकों की तैनाती कराई गई। इसके फलस्वरूप वर्षों पुराने ग्रामों में अंतिम अभिलेख तैयार कराकर चकबंदी प्रक्रियाओं को पूर्ण कराया गया। बड़े ग्रामों में कब्जा परिवर्तन जैसे संवेदनशील कार्य भी प्रशासनिक समन्वय से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए गए।जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में ग्राम सूरीकलां, मऊमाफी, बरोदीनकीब एवं छायन में नवनिर्मित सेक्टर मार्गों को अप्रैल 2026 में मनरेगा योजना से मिट्टी डालकर ऊँचा कराने की योजना भी प्रस्तावित है, जिससे चक मार्गों को अतिक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके।प्रदेश के दूरस्थ सीमावर्ती जनपदों में शामिल होने के बावजूद ललितपुर का 13वां स्थान प्राप्त करना यह सिद्ध करता है कि जिलाधिकारी सत्य प्रकाश के प्रभावी नेतृत्व, स्पष्ट कार्ययोजना और अनुशासित प्रशासनिक नियंत्रण से जनपद में चकबंदी जैसे जटिल कार्यों को भी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ संपादित किया जा सकता है।इस सफलता में जिला बंदोबस्त अधिकारी राकेश कुमार सिंह की भी सराहनीय भूमिका रही। उनके द्वारा चकबंदी कार्मिकों पर प्रभावी नियंत्रण रखते हुए जमीनी स्तर पर नियमित निरीक्षण एवं समन्वय से कार्य कराया गया। उन्होंने चकबंदी ग्रामों में जाकर किसानों के बीच चौपाल लगाकर किसानों को जागरूक किया और चकबंदी कार्यों जानकारी देते हुए उन्हें संतुष्ट किया।जिससे चकबंदी प्रक्रियाओं को गति मिली और कार्य समयबद्ध रूप से आगे बढ़ा। प्रशासन द्वारा आगामी समय में शेष ग्रामों में भी चकबंदी कार्यों को चरणबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने की योजना है, जिससे कृषकों की जोतों का एकीकरण कर ग्रामीण विकास को और अधिक मजबूती मिल सके।
चरन सिंह राज्य प्रभारी उत्तर प्रदेश एवं मनीषा विशेष संवाददाता उत्तर प्रदेश
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