पशु स्वास्थ्य एवं बांझपन उपचार शिविर, पशुपालकों को मिला लाभ
बरौल। पशुधन विकास विभाग द्वारा ग्राम बरौल में पशुओं के स्वास्थ्य सुधार, दूध उत्पादन बढ़ाने तथा बांझपन की समस्या के समाधान के उद्देश्य से पशु स्वास्थ्य एवं बांझपन उपचार शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में पशुपालक अपने मवेशियों को लेकर पहुंचे, जहां पशु चिकित्सकों की टीम ने पशुओं की जांच कर उपचार किया और आवश्यक दवाइयां भी वितरित कीं।
शिविर के दौरान गाय, भैंस सहित अन्य मवेशियों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा बांझपन से ग्रसित पशुओं का विशेष रूप से उपचार किया गया। कई पशुओं का मौके पर ही इलाज किया गया, जबकि कुछ पशुओं के लिए आगे की देखभाल और उपचार के संबंध में पशुपालकों को आवश्यक परामर्श दिया गया।
पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों को पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित आहार, खनिज मिश्रण के उपयोग तथा समय-समय पर मुंहपका-खुरपका रोग के टीकाकरण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई बार पशुओं को पर्याप्त पोषण न मिलना, असंतुलित आहार, साफ-सफाई की कमी और समय पर टीकाकरण न होने के कारण बांझपन की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे दूध उत्पादन पर भी असर पड़ता है।
शिविर में पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान, संतुलित आहार, खनिज मिश्रण के नियमित उपयोग, पशुओं के रहने के स्थान की स्वच्छता और विभिन्न रोगों से बचाव के उपायों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर पशु चिकित्सक डॉ. सुष्मिता, डॉ. मंजूर तथा निलेश सिंह आलम की टीम ने पशुओं की जांच कर उपचार किया और ग्रामीणों को आधुनिक पशुपालन की जानकारी दी। कार्यक्रम में सरपंच प्रतिनिधि सरवर सिंह, रामकुमार प्रजापति, बिजेंद्र राजवाड़े, पंच राम केशवर राजवाड़े, संतोष प्रजापति, जगन राम प्रजापति, राम प्रताप प्रजापति, विजय प्रजापति, मान साय सिंह, हुकुम साय प्रजापति सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं पशुपालक उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने पशुधन विकास विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से गांवों के पशुपालकों को काफी लाभ मिलता है और पशुओं की बीमारियों का समय पर उपचार हो पाता है। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों के नियमित आयोजन की मांग की।
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