सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

चारामा क्षेत्र में रेत खदानों पर खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, 14 मशीनें और 09 हाईवा वाहन जप्त

बसंत प्रधान जिला ब्यूरो चीफ कांकेर

उत्तर बस्तर कांकेर 15 मई 2026/ कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग के निर्देशानुसार गुरूवार 14 मई को खनिज विभाग की टीम द्वारा चारामा क्षेत्र में संचालित सरपंच स्वीकृत रेत खदानों की सघन जांच की गई। जांच के दौरान कई रेत खदानों में नियम विरुद्ध संचालन पाए जाने पर पट्टाशर्तों के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज करते हुए बड़ी कार्रवाई की गई। खनिज अमले ने विभिन्न रेत खदानों एवं संचालन स्थलों से कुल 14 मशीनें जप्त की हैं। इनमें करिहा रेत खदान से 3 मशीन, भिरौद से 3 मशीन, मचांदूर से 3 मशीन, भिलाई से 3 मशीन, भूईगांव से 1 मशीन तथा अरौद रेत खदान से 1 मशीन जप्त की गई। इसके अलावा मौके से 3 लोड हाईवा एवं 6 खाली हाईवा वाहनों को भी जब्त कर प्रकरण तैयार किया गया है। साथ ही पट्टा शर्तों के उल्लंघन को लेकर संबंधित सरपंचों को नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जांच दल ने ग्राम पंचायत जैसाकर्रा अंतर्गत महानदी क्षेत्र में अवैध उत्खनन करते हुए पाए जाने पर कार्रवाई करते हुए 3 मशीनें जब्त कीं तथा सरपंच ग्राम पंचायत जैसाकर्रा को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने नोटिस जारी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि जिले में वर्तमान में कुल 15 रेत खदानें संचालित हैं, जिनमें चारामा एवं दुर्गूकोंदल क्षेत्र के ग्राम पंचायत माहुद, भिलाई, भिरौद, करिहा, हाराडुला, बासनवाही, अरौद, किलेपार, भर्रीटोला, भंडारडिगी, गुदुम एवं परभेली शामिल हैं।
जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि इन खदानों का संचालन ग्राम पंचायतों एवं स्व सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। रेत खदानों से शासन को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 76 लाख 62 हजार 572 रुपये रॉयल्टी तथा 1 करोड़ 56 लाख 89 हजार 208 रुपये प्रीमियम राशि प्राप्त हुई है। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 2 लाख रुपये रॉयल्टी एवं 4 लाख 32 हजार रुपये प्रीमियम राशि प्राप्त हो चुकी है। पट्टा शर्तों के उल्लंघन पर विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेत खदान संचालकों पर 8 लाख 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 3 लाख 25 हजार रुपये अर्थदंड वसूल किया गया है। वर्षा ऋतु में रेत की उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से जिले में 16 अस्थायी रेत भंडारण लाइसेंस भी स्वीकृत किए गए हैं। खनिज विभाग की टॉस्क फोर्स टीम द्वारा अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अवैध रेत परिवहन के 99 प्रकरण दर्ज कर 99 वाहन जप्त किए गए तथा 27 लाख 65 हजार 200 रुपये की समझौता राशि वसूली गई। वहीं वर्ष 2026-27 में 11 मई 2026 तक 39 वाहन जप्त कर 8 लाख 15 हजार 736 रुपये की समझौता राशि वसूली गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में स्वीकृत रेत खदानों का संचालन नियमानुसार सुनिश्चित किया जा रहा है तथा अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर सतत निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में टॉस्क फोर्स दल द्वारा लगातार निरीक्षण और कार्रवाई जारी है

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

रायगढ़ विश्व प्रसिद्ध सिंघनपुर गुफा में मौत बनकर टूटा मधुमक्खियों का कहर पुरातत्व विभाग की टीम पर जानलेवा हमला, 5 अधिकारी गंभीर हालत में रायगढ़ जिंदल हॉस्पिटल रेफर

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध और रहस्यमयी सिंघनपुर गुफा एक बार फिर सनसनीखेज हादसे की वजह बन गईं। हजारों साल पुराने शैल चित्रों और गुफा संरक्षण कार्य का निरीक्षण करने पहुंची जानकारी के अनुसार पुरातत्व विभाग की टीम और वैज्ञानिक बताए जा रहे हैं  अचानक हजारों आक्रामक मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। कुछ ही पलों में शांत पहाड़ी इलाका चीख-पुकार, भगदड़ और अफरा-तफरी में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के अनुसार इस भयावह हमले में तीन महिला अधिकारी और दो पुरुष अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। मधुमक्खियों ने पांचों अधिकारियों को इतनी बुरी तरह डंक मारे कि वे मौके पर । जान बचाने के लिए अधिकारी पहाड़ी रास्तों और जंगलों की ओर भागते रहे, लेकिन दुर्गम पहाड़ी और घने जंगलों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। स्थानीय ग्रामीणों और थाना भूपदेवपुर पुलिस विभाग रेस्क्यू टीम की मदद से घंटों मशक्कत के बाद घायलों को पहाड़ से नीचे उतारा गया। स्थिति बेहद गंभीर होने के कारण सभी अधिकारियों को तत्काल रायगढ़ स्थित जिंदल अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सूत्रों का कहना है कि पांच...

खरसिया अडानी और भाटिया राजेंद्र कोलवॉशरी की मनमानी से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा मासूमों का निवाला तक हुआ जहरीला, सड़क बनी मौत का जाल! अब सड़क नहीं बनी तो होगा महाआंदोलन

 *खरसिया* ब्लॉक के नवागांव, पामगढ़, राजघट्टा, छोटे डूमरपाली और बड़े डूमरपाली के ग्रामीण आज ऐसी बदहाल जिंदगी जीने को मजबूर हैं, जहां हर दिन धूल, बीमारी, डर और हादसों के बीच गुजर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजघट्टा ग्राम पंचायत में स्थित भाटिया राजेंद्र कोलवॉशरी कंपनी और बड़े डूमरपाली में संचालित अडानी रेलवे साइडिंग से निकलने वाले भारी-भरकम हाइवा वाहनों ने पूरे इलाके की जिंदगी तबाह कर दी है। दिन-रात दौड़ती सैकड़ों गाड़ियों ने सड़क को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। सड़क अब सड़क नहीं, बल्कि गड्ढों और धूल का ऐसा जाल बन चुकी है, जहां हर कदम पर हादसे का खतरा मंडराता है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनियों के लिए यह सिर्फ कोयला ढुलाई का रास्ता होगा, लेकिन गांव वालों के लिए यही रास्ता अब “मौत का रास्ता” बन चुका है। “सुबह उठते हैं तो पानी में धूल, खाना खाते हैं तो निवाले में धूल” ग्रामीणों की पीड़ा सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए। लोगों का कहना है कि सुबह घर में रखे पानी के बर्तनों तक में धूल की परत जमी रहती है। खाने-पीने की चीजें, कपड़े, घर का सामान — सब कुछ धूल से पट जाता है। छोटे बच्चों से ले...

बस स्टैंड से मां-बेटे रहस्यमयी तरीके से लापता... 8 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, पति-पिता मिनकेतन यादव का रो-रो कर बुरा हाल”

संवाददाता - संतोष कुमार चौहान  साइंस वाणी न्यूज़ लैलूंगा  लैलूंगा। लैलूंगा क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां ग्राम भकुरा निवासी ममिता यादव अपने 3 वर्षीय मासूम पुत्र ललित यादव के साथ बीते 06 मई 2026 से रहस्यमयी तरीके से लापता हैं। घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में है और पति-पिता मिनकेतन यादव लगातार पत्नी और बेटे की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। परिजनों के अनुसार, ममिता यादव को अंतिम बार लैलूंगा बस स्टैंड में दोपहर लगभग 3 बजे से 4 बजे के बीच देखा गया था। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। परिवार ने आसपास के रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर खोजबीन की, लेकिन अब तक कोई जानकारी हाथ नहीं लगी। मामले को लेकर लैलूंगा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी मां-बेटे का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द खोजबीन तेज की जाए। क्षेत्र में इस घटना को लेकर लोगों में चिंता और चर्चा...