सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

लैलूंगा में जश्न का माहौल : भरत मित्तल के 50वें जन्मदिन पर बधाइयों की आई सुनामी


संवाददाता – संतोष कुमार चौहान
साइंस वाणी न्यूज़, लैलूंगा
लैलूंगा/रायगढ़।
लैलूंगा क्षेत्र के सम्मानित एवं लोकप्रिय व्यक्तित्व भरत मित्तल के 50वें जन्मदिन के अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्साह, खुशी और जश्न का माहौल देखने को मिला। उनके जन्मदिन को लेकर सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक लोगों में खास उत्साह नजर आया। जैसे ही उनके जन्मदिन की जानकारी लोगों तक पहुंची, फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शुभकामनाओं की मानो सुनामी आ गई। मित्रों, शुभचिंतकों, समाज के लोगों एवं समर्थकों ने उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई देते हुए सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
अपने 50वें जन्मदिन यानी “गोल्डन बर्थडे” को भरत मित्तल ने परिवार के साथ बेहद खास अंदाज में मनाया। घर में आयोजित सादगीपूर्ण लेकिन भावनात्मक समारोह में परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में केक काटा गया। इस दौरान परिजनों एवं करीबी लोगों ने फूल-मालाओं, बुके एवं मिठाइयों के साथ उन्हें शुभकामनाएं दीं। पूरा घर उत्सव के माहौल में रंगा नजर आया और देर रात तक बधाई देने वालों का सिलसिला जारी रहा।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

रायगढ़ विश्व प्रसिद्ध सिंघनपुर गुफा में मौत बनकर टूटा मधुमक्खियों का कहर पुरातत्व विभाग की टीम पर जानलेवा हमला, 5 अधिकारी गंभीर हालत में रायगढ़ जिंदल हॉस्पिटल रेफर

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध और रहस्यमयी सिंघनपुर गुफा एक बार फिर सनसनीखेज हादसे की वजह बन गईं। हजारों साल पुराने शैल चित्रों और गुफा संरक्षण कार्य का निरीक्षण करने पहुंची जानकारी के अनुसार पुरातत्व विभाग की टीम और वैज्ञानिक बताए जा रहे हैं  अचानक हजारों आक्रामक मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। कुछ ही पलों में शांत पहाड़ी इलाका चीख-पुकार, भगदड़ और अफरा-तफरी में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के अनुसार इस भयावह हमले में तीन महिला अधिकारी और दो पुरुष अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। मधुमक्खियों ने पांचों अधिकारियों को इतनी बुरी तरह डंक मारे कि वे मौके पर । जान बचाने के लिए अधिकारी पहाड़ी रास्तों और जंगलों की ओर भागते रहे, लेकिन दुर्गम पहाड़ी और घने जंगलों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। स्थानीय ग्रामीणों और थाना भूपदेवपुर पुलिस विभाग रेस्क्यू टीम की मदद से घंटों मशक्कत के बाद घायलों को पहाड़ से नीचे उतारा गया। स्थिति बेहद गंभीर होने के कारण सभी अधिकारियों को तत्काल रायगढ़ स्थित जिंदल अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सूत्रों का कहना है कि पांच...

खरसिया अडानी और भाटिया राजेंद्र कोलवॉशरी की मनमानी से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा मासूमों का निवाला तक हुआ जहरीला, सड़क बनी मौत का जाल! अब सड़क नहीं बनी तो होगा महाआंदोलन

 *खरसिया* ब्लॉक के नवागांव, पामगढ़, राजघट्टा, छोटे डूमरपाली और बड़े डूमरपाली के ग्रामीण आज ऐसी बदहाल जिंदगी जीने को मजबूर हैं, जहां हर दिन धूल, बीमारी, डर और हादसों के बीच गुजर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजघट्टा ग्राम पंचायत में स्थित भाटिया राजेंद्र कोलवॉशरी कंपनी और बड़े डूमरपाली में संचालित अडानी रेलवे साइडिंग से निकलने वाले भारी-भरकम हाइवा वाहनों ने पूरे इलाके की जिंदगी तबाह कर दी है। दिन-रात दौड़ती सैकड़ों गाड़ियों ने सड़क को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। सड़क अब सड़क नहीं, बल्कि गड्ढों और धूल का ऐसा जाल बन चुकी है, जहां हर कदम पर हादसे का खतरा मंडराता है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनियों के लिए यह सिर्फ कोयला ढुलाई का रास्ता होगा, लेकिन गांव वालों के लिए यही रास्ता अब “मौत का रास्ता” बन चुका है। “सुबह उठते हैं तो पानी में धूल, खाना खाते हैं तो निवाले में धूल” ग्रामीणों की पीड़ा सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए। लोगों का कहना है कि सुबह घर में रखे पानी के बर्तनों तक में धूल की परत जमी रहती है। खाने-पीने की चीजें, कपड़े, घर का सामान — सब कुछ धूल से पट जाता है। छोटे बच्चों से ले...

बस स्टैंड से मां-बेटे रहस्यमयी तरीके से लापता... 8 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, पति-पिता मिनकेतन यादव का रो-रो कर बुरा हाल”

संवाददाता - संतोष कुमार चौहान  साइंस वाणी न्यूज़ लैलूंगा  लैलूंगा। लैलूंगा क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां ग्राम भकुरा निवासी ममिता यादव अपने 3 वर्षीय मासूम पुत्र ललित यादव के साथ बीते 06 मई 2026 से रहस्यमयी तरीके से लापता हैं। घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में है और पति-पिता मिनकेतन यादव लगातार पत्नी और बेटे की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। परिजनों के अनुसार, ममिता यादव को अंतिम बार लैलूंगा बस स्टैंड में दोपहर लगभग 3 बजे से 4 बजे के बीच देखा गया था। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। परिवार ने आसपास के रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर खोजबीन की, लेकिन अब तक कोई जानकारी हाथ नहीं लगी। मामले को लेकर लैलूंगा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी मां-बेटे का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द खोजबीन तेज की जाए। क्षेत्र में इस घटना को लेकर लोगों में चिंता और चर्चा...