सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

ग्राम पंचायत चरखा पारा में जल्द खत्म होगी पेयजल समस्या**नल-जल योजना को फिर से चालू करने दो नए कुओं को मिली मंजूरी, मनरेगा से 10 लाख रुपये स्वीकृत



साइंस वाणी न्यूज़ रायगढ़ प्राप्त जानकारी के अनुसार:- रायगढ़, 18 मई 2026/ ग्राम पंचायत चरखा पारा में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में बड़ी पहल की गई है। गांव में जल जीवन मिशन के तहत नल-जल योजना का पूरा ढांचा तैयार होने के बावजूद मुख्य बोरवेल के सूख जाने से ग्रामीणों को पानी के गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा था। पानी की टंकी, पाइपलाइन और घर-घर लगे नल होने के बाद भी जलापूर्ति बंद थी, जिससे ग्रामीणों में लगातार परेशानी और नाराजगी बनी हुई थी। 
      मामले की गंभीरता को देखते हुए सीईओ जिला पंचायत अभिजीत बबन पठारे ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नए कुओं के निर्माण को प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो और ग्रामीणों को जल्द राहत पहुंचाई जाए। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत इस कार्य के लिए कुल 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। दोनों कुओं के निर्माण पर लगभग 5-5 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना से न केवल गांव में पेयजल व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
             उल्लेखनीय है कि विगत दिनों इसी समस्या को लेकर ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मुलाकात कर गांव की स्थिति से अवगत कराया। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि गांव में मौजूद बोरवेल पूरी तरह सूख चुका है, जिसके कारण नल-जल योजना ठप हो गई है और ग्रामीणों को पेयजल के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए पंचायत प्रतिनिधियों ने एक व्यावहारिक और स्थायी समाधान का प्रस्ताव भी रखा। योजना के तहत गांव में दो नए कुओं का निर्माण किया जाएगा। इन कुओं में पर्याप्त जल उपलब्ध होने पर मोटर पंप के माध्यम से पानी को सीधे जल जीवन मिशन की मौजूदा पानी टंकी तक पहुंचाया जाएगा, जहां से पाइपलाइन के जरिए पूरे गांव के घरों तक नियमित पेयजल आपूर्ति की जाएगी। इस योजना के लागू होने से गांव में वर्षों से चली आ रही जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद जताई जा रही है।
            सीईओ जिला पंचायत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भीषण गर्मी और आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। पूरे प्रोजेक्ट को 15 जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि ग्रामीणों को जल्द से जल्द स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पेयजल संकट के समाधान के लिए जिला पंचायत प्रशासन एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया हैं।

हेमंत कुमार टंडन 
जिला ब्यूरो चीफ रायगढ़ छत्तीसगढ़

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

रायगढ़ विश्व प्रसिद्ध सिंघनपुर गुफा में मौत बनकर टूटा मधुमक्खियों का कहर पुरातत्व विभाग की टीम पर जानलेवा हमला, 5 अधिकारी गंभीर हालत में रायगढ़ जिंदल हॉस्पिटल रेफर

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध और रहस्यमयी सिंघनपुर गुफा एक बार फिर सनसनीखेज हादसे की वजह बन गईं। हजारों साल पुराने शैल चित्रों और गुफा संरक्षण कार्य का निरीक्षण करने पहुंची जानकारी के अनुसार पुरातत्व विभाग की टीम और वैज्ञानिक बताए जा रहे हैं  अचानक हजारों आक्रामक मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। कुछ ही पलों में शांत पहाड़ी इलाका चीख-पुकार, भगदड़ और अफरा-तफरी में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के अनुसार इस भयावह हमले में तीन महिला अधिकारी और दो पुरुष अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। मधुमक्खियों ने पांचों अधिकारियों को इतनी बुरी तरह डंक मारे कि वे मौके पर । जान बचाने के लिए अधिकारी पहाड़ी रास्तों और जंगलों की ओर भागते रहे, लेकिन दुर्गम पहाड़ी और घने जंगलों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। स्थानीय ग्रामीणों और थाना भूपदेवपुर पुलिस विभाग रेस्क्यू टीम की मदद से घंटों मशक्कत के बाद घायलों को पहाड़ से नीचे उतारा गया। स्थिति बेहद गंभीर होने के कारण सभी अधिकारियों को तत्काल रायगढ़ स्थित जिंदल अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सूत्रों का कहना है कि पांच...

खरसिया अडानी और भाटिया राजेंद्र कोलवॉशरी की मनमानी से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा मासूमों का निवाला तक हुआ जहरीला, सड़क बनी मौत का जाल! अब सड़क नहीं बनी तो होगा महाआंदोलन

 *खरसिया* ब्लॉक के नवागांव, पामगढ़, राजघट्टा, छोटे डूमरपाली और बड़े डूमरपाली के ग्रामीण आज ऐसी बदहाल जिंदगी जीने को मजबूर हैं, जहां हर दिन धूल, बीमारी, डर और हादसों के बीच गुजर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजघट्टा ग्राम पंचायत में स्थित भाटिया राजेंद्र कोलवॉशरी कंपनी और बड़े डूमरपाली में संचालित अडानी रेलवे साइडिंग से निकलने वाले भारी-भरकम हाइवा वाहनों ने पूरे इलाके की जिंदगी तबाह कर दी है। दिन-रात दौड़ती सैकड़ों गाड़ियों ने सड़क को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। सड़क अब सड़क नहीं, बल्कि गड्ढों और धूल का ऐसा जाल बन चुकी है, जहां हर कदम पर हादसे का खतरा मंडराता है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनियों के लिए यह सिर्फ कोयला ढुलाई का रास्ता होगा, लेकिन गांव वालों के लिए यही रास्ता अब “मौत का रास्ता” बन चुका है। “सुबह उठते हैं तो पानी में धूल, खाना खाते हैं तो निवाले में धूल” ग्रामीणों की पीड़ा सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए। लोगों का कहना है कि सुबह घर में रखे पानी के बर्तनों तक में धूल की परत जमी रहती है। खाने-पीने की चीजें, कपड़े, घर का सामान — सब कुछ धूल से पट जाता है। छोटे बच्चों से ले...

बस स्टैंड से मां-बेटे रहस्यमयी तरीके से लापता... 8 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, पति-पिता मिनकेतन यादव का रो-रो कर बुरा हाल”

संवाददाता - संतोष कुमार चौहान  साइंस वाणी न्यूज़ लैलूंगा  लैलूंगा। लैलूंगा क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां ग्राम भकुरा निवासी ममिता यादव अपने 3 वर्षीय मासूम पुत्र ललित यादव के साथ बीते 06 मई 2026 से रहस्यमयी तरीके से लापता हैं। घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में है और पति-पिता मिनकेतन यादव लगातार पत्नी और बेटे की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। परिजनों के अनुसार, ममिता यादव को अंतिम बार लैलूंगा बस स्टैंड में दोपहर लगभग 3 बजे से 4 बजे के बीच देखा गया था। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। परिवार ने आसपास के रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर खोजबीन की, लेकिन अब तक कोई जानकारी हाथ नहीं लगी। मामले को लेकर लैलूंगा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी मां-बेटे का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द खोजबीन तेज की जाए। क्षेत्र में इस घटना को लेकर लोगों में चिंता और चर्चा...