सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पीपीएचटी प्रवेश परीक्षा 21 मई को* *परीक्षार्थियों को दो घंटे पूर्व परीक्षा केंद्र पहुंचना अनिवार्य**परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व बंद कर दिया जाएगा परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार


*अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आने के निर्देश:-

साइंस वाणी न्यूज़ रायगढ़ प्राप्त जानकारी के अनुसार:-रायगढ़, 19 मई 2026/ छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा पी.पी.एच.टी. प्रवेश परीक्षा का आयोजन 21 मई को प्रातः 10 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक किया जाएगा। जिले में परीक्षा के लिए 2 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 584 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्रों में एक पुरुष एवं एक महिला पुलिस कर्मी की ड्यूटी लगाई गई है। महिला अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग केवल महिला पुलिस कर्मियों द्वारा ही की जाएगी।
           परीक्षार्थियों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा के एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केंद्र का अवलोकन अवश्य कर लें, ताकि परीक्षा दिवस पर किसी प्रकार की असुविधा न हो। परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम दो घंटे पूर्व परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा, जिससे फ्रिस्किंग एवं पहचान पत्र सत्यापन की प्रक्रिया समय पर पूर्ण की जा सके। परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व अर्थात सुबह 9.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आने के निर्देश दिए गए हैं। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी एवं गहरे चॉकलेटी रंग के कपड़े पहनना प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक पहनने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरना होगा तथा उन्हें सामान्य समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। फुटवियर के रूप में केवल चप्पल पहनने की अनुमति होगी। कान में किसी भी प्रकार के आभूषण पहनना वर्जित रहेगा। परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट एवं टोपी सहित किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री ले जाना पूर्णतः निषिद्ध रहेगा।
            प्रवेश पत्र के सभी पृष्ठों का प्रिंट आउट और प्रत्येक पेज के एक तरफ प्रिंट आउट लाना अनिवार्य होगा। क्योंकि प्रत्येक परीक्षा हेतु व्यापम की प्रति परीक्षा केन्द्र में जमा हो जाएगी। साथ ही मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड अथवा आधार कार्ड जैसे फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र साथ लाना होगा। फोटो कॉपी अथवा डिजिटल माध्यम में सुरक्षित पहचान पत्र मान्य नहीं होंगे। यदि प्रवेश पत्र में फोटो स्पष्ट नहीं हो, तो अभ्यर्थी दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ लेकर परीक्षा केंद्र पहुंचे। परीक्षा में उत्तर अंकित करने के लिए केवल काले अथवा नीले बॉल प्वाइंट पेन का ही उपयोग किया जा सकेगा। जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने की अपील की है।

*प्रवेश परीक्षा हेतु ऑब्जर्वर नियुक्त:-

       परीक्षा के सुचारू एवं पारदर्शी संचालन के लिए कलेक्टर द्वारा परीक्षा केंद्रों हेतु ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं। जारी आदेशानुसार नियुक्त ऑब्जर्वर परीक्षा अवधि के दौरान परीक्षा केंद्रों में सतत निगरानी रखेंगे। सभी ऑब्जर्वरों को 21 मई को प्रातः 7.30 बजे जिला कोषालय रायगढ़ में उपस्थित होकर गोपनीय सामग्री प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। ऑब्जर्वर परीक्षा प्रारंभ होने के निर्धारित समय से पूर्व संबंधित परीक्षा केंद्रों में गोपनीय सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे तथा परीक्षा समाप्ति उपरांत सीलबंद सामग्री प्राप्त कर किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय रायगढ़ में जमा करेंगे। आदेशानुसार शासकीय नटवर इंग्लिश स्कूल रायगढ़ परीक्षा केंद्र हेतु व्याख्याता श्री मनोज कुमार षड़गी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरलिया तथा किरोड़ीमल शासकीय पॉलिटेक्निक चक्रधर नगर रायगढ़ परीक्षा केंद्र हेतु व्याख्याता श्री त्रिलोचन चौधरी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संबलपुरी को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है।

हेमंत कुमार टंडन 
जिला ब्यूरो चीफ रायगढ़ छत्तीसगढ़

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

रायगढ़ विश्व प्रसिद्ध सिंघनपुर गुफा में मौत बनकर टूटा मधुमक्खियों का कहर पुरातत्व विभाग की टीम पर जानलेवा हमला, 5 अधिकारी गंभीर हालत में रायगढ़ जिंदल हॉस्पिटल रेफर

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध और रहस्यमयी सिंघनपुर गुफा एक बार फिर सनसनीखेज हादसे की वजह बन गईं। हजारों साल पुराने शैल चित्रों और गुफा संरक्षण कार्य का निरीक्षण करने पहुंची जानकारी के अनुसार पुरातत्व विभाग की टीम और वैज्ञानिक बताए जा रहे हैं  अचानक हजारों आक्रामक मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। कुछ ही पलों में शांत पहाड़ी इलाका चीख-पुकार, भगदड़ और अफरा-तफरी में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के अनुसार इस भयावह हमले में तीन महिला अधिकारी और दो पुरुष अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। मधुमक्खियों ने पांचों अधिकारियों को इतनी बुरी तरह डंक मारे कि वे मौके पर । जान बचाने के लिए अधिकारी पहाड़ी रास्तों और जंगलों की ओर भागते रहे, लेकिन दुर्गम पहाड़ी और घने जंगलों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। स्थानीय ग्रामीणों और थाना भूपदेवपुर पुलिस विभाग रेस्क्यू टीम की मदद से घंटों मशक्कत के बाद घायलों को पहाड़ से नीचे उतारा गया। स्थिति बेहद गंभीर होने के कारण सभी अधिकारियों को तत्काल रायगढ़ स्थित जिंदल अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सूत्रों का कहना है कि पांच...

बस स्टैंड से मां-बेटे रहस्यमयी तरीके से लापता... 8 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, पति-पिता मिनकेतन यादव का रो-रो कर बुरा हाल”

संवाददाता - संतोष कुमार चौहान  साइंस वाणी न्यूज़ लैलूंगा  लैलूंगा। लैलूंगा क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां ग्राम भकुरा निवासी ममिता यादव अपने 3 वर्षीय मासूम पुत्र ललित यादव के साथ बीते 06 मई 2026 से रहस्यमयी तरीके से लापता हैं। घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में है और पति-पिता मिनकेतन यादव लगातार पत्नी और बेटे की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। परिजनों के अनुसार, ममिता यादव को अंतिम बार लैलूंगा बस स्टैंड में दोपहर लगभग 3 बजे से 4 बजे के बीच देखा गया था। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। परिवार ने आसपास के रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर खोजबीन की, लेकिन अब तक कोई जानकारी हाथ नहीं लगी। मामले को लेकर लैलूंगा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी मां-बेटे का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द खोजबीन तेज की जाए। क्षेत्र में इस घटना को लेकर लोगों में चिंता और चर्चा...

खरसिया अडानी और भाटिया राजेंद्र कोलवॉशरी की मनमानी से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा मासूमों का निवाला तक हुआ जहरीला, सड़क बनी मौत का जाल! अब सड़क नहीं बनी तो होगा महाआंदोलन

 *खरसिया* ब्लॉक के नवागांव, पामगढ़, राजघट्टा, छोटे डूमरपाली और बड़े डूमरपाली के ग्रामीण आज ऐसी बदहाल जिंदगी जीने को मजबूर हैं, जहां हर दिन धूल, बीमारी, डर और हादसों के बीच गुजर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजघट्टा ग्राम पंचायत में स्थित भाटिया राजेंद्र कोलवॉशरी कंपनी और बड़े डूमरपाली में संचालित अडानी रेलवे साइडिंग से निकलने वाले भारी-भरकम हाइवा वाहनों ने पूरे इलाके की जिंदगी तबाह कर दी है। दिन-रात दौड़ती सैकड़ों गाड़ियों ने सड़क को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। सड़क अब सड़क नहीं, बल्कि गड्ढों और धूल का ऐसा जाल बन चुकी है, जहां हर कदम पर हादसे का खतरा मंडराता है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनियों के लिए यह सिर्फ कोयला ढुलाई का रास्ता होगा, लेकिन गांव वालों के लिए यही रास्ता अब “मौत का रास्ता” बन चुका है। “सुबह उठते हैं तो पानी में धूल, खाना खाते हैं तो निवाले में धूल” ग्रामीणों की पीड़ा सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए। लोगों का कहना है कि सुबह घर में रखे पानी के बर्तनों तक में धूल की परत जमी रहती है। खाने-पीने की चीजें, कपड़े, घर का सामान — सब कुछ धूल से पट जाता है। छोटे बच्चों से ले...