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शासकीय प्राथमिक शाला बरौल तलवापारा में एक लाख रुपये की लागत से बनने वाले चबूतरा निर्माण कार्य का किया गया ले-आउट

संवाद दाता रामकुमार प्रजापति जिला रिपोर्टर 

विद्यार्थियों को मिलेगा बेहतर वातावरण, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में शुरू हुई प्रक्रिया

बरौल। ग्राम बरौल तलवापारा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में विद्यार्थियों की सुविधा एवं विद्यालय परिसर के विकास को ध्यान में रखते हुए एक लाख रुपये की लागत से बनने वाले चबूतरा निर्माण कार्य का विधिवत ले-आउट किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस प्रक्रिया के दौरान जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं विद्यालय स्टाफ की उपस्थिति रही। लंबे समय से विद्यालय में बच्चों के लिए समुचित बैठने एवं विभिन्न गतिविधियों के संचालन हेतु व्यवस्थित स्थान की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे देखते हुए पंचायत स्तर पर यह महत्वपूर्ण पहल की गई है।
निर्माण कार्य का ले-आउट इंजीनियर किसन सोनवानी के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान सरपंच पति सरबर सिंह, पंच राम केशवर राजवाड़े, रामकुमार प्रजापति, रामप्रताप प्रजापति, महिपत प्रजापति एवं जगदीश प्रजापति सहित अन्य ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी की मौजूदगी में निर्माण स्थल का निरीक्षण कर तकनीकी माप-जोख की प्रक्रिया पूरी की गई तथा निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण कराने को लेकर चर्चा की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय परिसर में बच्चों के लिए पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण प्रार्थना सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मध्यान्ह भोजन वितरण एवं अन्य गतिविधियों के संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बरसात के दिनों में परिसर में कीचड़ होने से छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी होती थी। कई बार बच्चों को खुले स्थान पर बैठना पड़ता था, जिससे असुविधा बढ़ जाती थी। ऐसे में चबूतरा निर्माण कार्य विद्यालय के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।
इंजीनियर किसन सोनवानी ने बताया कि निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों एवं गुणवत्ता के अनुरूप कराया जाएगा ताकि लंबे समय तक बच्चों एवं विद्यालय को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता एवं मजबूती का विशेष ध्यान रखा जाएगा। वहीं सरपंच पति सरबर सिंह ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं बढ़ाने से बच्चों को बेहतर वातावरण मिलेगा और शिक्षा के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ेगा।
राम कुमार प्रजापति एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित शासकीय विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार बेहद जरूरी है। बच्चों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना पंचायत की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि चबूतरा बनने के बाद विद्यालय परिसर अधिक व्यवस्थित एवं आकर्षक दिखाई देगा, जिससे विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों में भी सकारात्मक संदेश जाएगा।
विद्यालय के शिक्षकों एवं अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि छोटे बच्चों के लिए इस प्रकार की मूलभूत सुविधाएं अत्यंत आवश्यक हैं। चबूतरा बनने से बच्चों को बैठने, समूह गतिविधियों एवं विभिन्न आयोजनों में सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण होगा और विद्यार्थियों को जल्द इसका लाभ मिलेगा।
ले-आउट के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यालय स्टाफ एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने इसे गांव की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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