📢कस्बा कुलपहाड़ में सरकारी भूमि, तालाब, बंधान, रास्ते, पार्क, बंजर और वन भूमि तक पर कथित रूप से साहबों, चकबंदी अधिकारियों, नगर पंचायत कर्मियों और भू-माफियाओं का संगठित खेल वर्षों से चलता रहा और आज भी जारी है। शासनादेश, राजस्व अभिलेख, एसडीएम आदेश और यहां तक कि माननीय हाईकोर्ट प्रयागराज के आदेश भी कथित भ्रष्ट तंत्र के आगे बेअसर दिखाई दे रहे हैं।✒️✒️✒️‼️
👉वर्ष 1991 में शासन द्वारा विधवा, दिव्यांग एवं भूमिहीन पात्रों के लिए मात्र 8 पट्टों की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन सांठगांठ और भ्रष्टाचार का ऐसा खेल खेला गया कि संख्या बढ़ाकर 108 कर दी गई। बाद में एसडीएम महोबा ने 27 जुलाई 1996 को पट्टे निरस्त कर दिए और 17 जुलाई 1998 को हाईकोर्ट ने भी निगरानी खारिज कर दी, फिर भी आज तक कब्जे बरकरार हैं।‼️
👉सबसे गंभीर आरोप यह है कि निरस्त पट्टों के बावजूद चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने अवैध रूप से चक आवंटन कायम रखा और सरकारी जमीनों पर कब्जेदारों को संरक्षण दिया। कथित प्रभावशाली लोगों, नाबालिगों और अपात्रों तक को पट्टेदार बनाकर सरकारी भूमि की खुली बंदरबांट की गई।‼️
👉तालाब गाटा संख्या 4458, रास्ता एवं बंधान गाटा संख्या 4457 सहित कई सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर कब्जे कर निर्माण कर दिए गए। मामले में माननीय हाईकोर्ट ने 19 अप्रैल 2022 को अवैध निर्माण ध्वस्त करने और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए, लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई। सवाल उठता है — आखिर न्यायालय के आदेशों को रोक कौन रहा है?‼️
👉अंबेडकर पार्क की भूमि तक कथित रूप से भू-माफियाओं को सौंप दी गई और पार्क को कागजों में तीन किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र में दर्शा दिया गया। गाटा संख्या 1735 की बंजर भूमि का रकबा बढ़ाकर दूसरे नाम दर्ज करने तक के आरोप सामने हैं।‼️
👉हैरानी की बात यह है कि कस्बा क्षेत्र में चकबंदी लागू ही नहीं होती, फिर भी सरकारी भूमि पर चक आवंटन कर दिया गया। लगभग 1109 एकड़ 33 डिसमिल सरकारी भूमि और किसानों की भूमि से निर्धारित सीमा से अधिक कटौती का मामला अब बड़े घोटाले के रूप में देखा जा रहा है।‼️
👉 बड़ा तालाब बंधान के कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर ऐतिहासिक धरोहरों को ढ़हाया गया, कुछ समाजसेवियों ने धन खुदाई के आरोपों सहित शिक़ायती पत्र जिलाधिकारी और महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित याचिका दाखिल की, सूत्रो मुताबिक, गाटा संख्या आदि में बंधान भूमि दर्ज अब 4491,4490,4494 आदि लगभग 2 एकड़ 24 डिसमिल में खेल खेला जा रहा है कानूनी सलाहकारों और विश्लेषण कर्ताओं के अनुसार संविधान अनुच्छेद और माननीय सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट नियमानुसार अनियमितताओं को नियमितताओं में लाना दंडनीय अपराध है ⁉️
⁉️जनता पूछ रही है — क्या कुलपहाड़ में सरकारी जमीनों पर कानून नहीं चलता? क्या हाईकोर्ट के आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित हैं? और आखिर सरकारी भूमि खाली कब होगी?
📢अब जनहित में समाजसेवी पुनः न्यायालय पहुंच चुके हैं। आने वाले समय में जिम्मेदार अधिकारियों, भू-माफियाओं और पूरे भ्रष्ट तंत्र पर बड़ी कानूनी कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता‼️
सत्य कहो स्पष्ट कहों कहों न सुंदर झूठ चाहे कोई खुश रहे चाहे जाये रुठ ✒️✒️✒️✒️✒️✒️
📢विस्तार आगे प्रपत्रो सहित
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संवाददाता
कमलेश सोनी
प्रभारी विकास खंड जैतपुर
जिला महोबा
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