संवाददाता – संतोष कुमार चौहान
साइंस वाणी न्यूज़
लैलूंगा/रायगढ़।
लैलूंगा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत लिबरा स्थित लिबरा तेंदूपत्ता संग्रहण केन्द्र में इन दिनों ग्रामीणों एवं संग्राहकों की काफी आवाजाही देखने को मिल रही है। गर्मी के मौसम में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आय का प्रमुख साधन माना जाता है। बड़ी संख्या में ग्रामीण जंगलों से तेंदूपत्ता संग्रह कर केन्द्र में जमा करने पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सहायता मिल रही है। विशेष रूप से महिला संग्राहकों एवं मजदूर परिवारों के लिए यह कार्य अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण माध्यम बना हुआ है। सुबह से ही ग्रामीण जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता संग्रह कर रहे हैं तथा निर्धारित मानकों के अनुसार पत्तों की गड्डियां बनाकर संग्रहण केन्द्र में जमा कर रहे हैं।
लिबरा तेंदूपत्ता संग्रहण केन्द्र में संग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। केन्द्र में पत्तों की जांच, तौल एवं संग्रहण कार्य व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है। ग्रामीणों ने शासन की इस व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि तेंदूपत्ता सीजन गांवों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
केन्द्र में उपस्थित कर्मचारियों एवं संबंधित जिम्मेदार लोगों द्वारा संग्राहकों को गुणवत्ता युक्त तेंदूपत्ता संग्रहण करने एवं निर्धारित नियमों का पालन करने की जानकारी भी दी जा रही है। साथ ही समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही जा रही है।
ग्रामीण अंचलों में तेंदूपत्ता को “हरा सोना” भी कहा जाता है, क्योंकि इससे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी रहती है। लिबरा तेंदूपत्ता संग्रहण केन्द्र से आसपास के गांवों के लोगों को भी रोजगार का अवसर मिल रहा है।
इस दौरान केन्द्र में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिला संग्राहक, युवा एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
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