बेटियां बढ़ेंगी तो देश बढ़ेगा CBSE 12वीं में आकांक्षा दास बंजारे ने 97.6% और शिवम साई दीप्तिका पटनायक ने 75% अंक हासिल कर बढ़ाया बिलासपुर का गौरव
बेटियां बढ़ेंगी तो देश बढ़ेगा
CBSE 12वीं में आकांक्षा दास बंजारे ने 97.6% और शिवम साई दीप्तिका पटनायक ने 75% अंक हासिल कर बढ़ाया बिलासपुर का गौरव
बिलासपुर। शिक्षा वह शक्ति है, जो सपनों को नई उड़ान देती है और जब बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं तो पूरा समाज गौरवान्वित होता है। न्यायधानी बिलासपुर की दो प्रतिभाशाली छात्राओं ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त कर शहर और प्रदेश का मान बढ़ाया है।
गणेश नगर वार्ड क्रमांक 46 चुचुहियापारा निवासी पूर्व पार्षद अमर दास बंजारे की सुपुत्री आकांक्षा दास बंजारे ने सीबीएसई 12वीं परीक्षा में शानदार 97.6 प्रतिशत अंक अर्जित कर अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन का परिचय दिया है। आकांक्षा बिलासपुर के प्रतिष्ठित लोयोला स्कूल की छात्रा हैं। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि यदि बेटियों को सही मार्गदर्शन, शिक्षा और अवसर मिले तो वे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।
वहीं प्रतिभाशाली छात्रा शिवम साई दीप्तिका पटनायक ने भी सीबीएसई 12वीं परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने परिवार, बिलासपुर और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। दीप्तिका केवल पढ़ाई में ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियों में भी अग्रणी हैं। वे भरतनाट्यम और कथक जैसी शास्त्रीय नृत्य विधाओं में भी निपुण हैं और विभिन्न मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं।
दोनों छात्राओं की सफलता पर क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। वार्ड क्रमांक 46 के पार्षद इब्राहिम खान (अब्दुल), पार्षद प्रतिनिधि अध्यक्ष राज बंजारे सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग छात्राओं के निवास पहुंचे और शॉल, पुष्पगुच्छ एवं मिठाई भेंट कर उनका सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने दोनों छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आने वाले समय में वे प्रशासनिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर परिवार, समाज और देश का नाम और अधिक रोशन करेंगी।
क्षेत्रवासियों ने भी आकांक्षा और दीप्तिका की मेहनत एवं सफलता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि आज की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है। यह सफलता उन अभिभावकों के लिए भी एक संदेश है, जो बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देकर उनके सपनों को साकार करने में सहयोग कर रहे हैं।
आज आवश्यकता है कि समाज बेटियों की शिक्षा को केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत आधार माने। शिक्षित बेटियां ही आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की सच्ची पहचान हैं। आकांक्षा दास बंजारे और शिवम साई दीप्तिका पटनायक की यह सफलता हजारों छात्राओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को पूरा करने का साहस रखती हैं।
दोनों प्रतिभाशाली बेटियों को उनकी इस शानदार उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं।



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