हरियाणा की नायब सैनी सरकार के नए आदेश ने प्रदेश के सरपंचों की जिम्मेदारी और चुनौती दोनों बढ़ा दी हैं। अब किसी भी विकास योजना को मंजूरी दिलाने के लिए ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
दीपक राणा का रिपोर्ट
नए नियमों के अनुसार यदि पहली बैठक में 40 प्रतिशत उपस्थिति पूरी नहीं होती है तो दूसरी बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें कुल आबादी की 30 प्रतिशत मौजूदगी जरूरी होगी। अगर दूसरी बैठक में भी यह संख्या पूरी नहीं होती है, तो तीसरी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें कम से कम 20 प्रतिशत ग्रामीणों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। इससे कम उपस्थिति में ग्राम सभा का कोई भी प्रस्ताव मान्य नहीं माना जाएगा।
जिला पंचायत विकास अधिकारी प्रदीप कुमार ने स्पष्ट किया है कि ग्राम सभा की बैठक में न्यूनतम 20 प्रतिशत उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित करनी होगी, चाहे इसके लिए बार-बार बैठक क्यों न बुलानी पड़े। बैठक में मौजूद लोगों की संख्या की जांच फैमिली आईडी यानी PPP डाटा के माध्यम से की जाएगी। संबंधित डाटा की प्रति लेकर सत्यापन किया जाएगा, ताकि नियमों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित हो सके।
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