लारिपानी धान खरीदी केंद्रों में नियमों की अनदेखी धान तौल में गड़बड़ी, बिना डाले हो रही खरीदी*लारिपानी केंद्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, तौल प्रक्रिया पर उठे सवाल*
लैलूंगा।
लैलूंगा विकासखंड अंतर्गत आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित झगरपुर द्वारा संचालित झगरपुर एवं लारिपानी धान खरीदी केंद्रों में इन दिनों नियमों की अनदेखी के आरोप सामने आ रहे हैं। किसानों के अनुसार मंडी परिसर में धान डाले बिना ही खरीदी की जा रही है, जो शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत है।
किसानों ने बताया कि उन्हें धान की तौल घर से कराकर लाने के लिए कहा जा रहा है, जबकि नियमानुसार धान की ढुलाई, डाला जाना, तौल, गुणवत्ता परीक्षण एवं ग्रेडिंग खरीदी केंद्र परिसर में ही किया जाना चाहिए। इससे पारदर्शिता प्रभावित हो रही है और किसानों को नुकसान की आशंका बनी हुई है।
लारिपानी धान खरीदी केंद्र में सुविधाओं का अभाव
लारिपानी धान खरीदी केंद्र में किसानों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। किसानों का कहना है कि पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण उन्हें लगभग एक किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है।
इसके अलावा किसानों के बैठने के लिए छाया की व्यवस्था नहीं है, न ही धान रखने के लिए शेड की सुविधा उपलब्ध है।
किसानों ने यह भी बताया कि आवश्यकता से अधिक धान की तौल ली जा रही है तथा कई बार तौल की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से नहीं दिखाई जाती, जिससे संदेह की स्थिति बनी रहती है।
पारदर्शी व्यवस्था की मांग
किसानों का कहना है कि धान खरीदी की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमानुसार धान डाले जाने, तौल दिखाने और गुणवत्ता जांच की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।
ग्रामीणों एवं किसानों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से मामले की शीघ्र जांच, नियमों के अनुरूप धान खरीदी सुनिश्चित करने तथा लारिपानी धान खरीदी केंद्र में पानी, छाया और शेड जैसी आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है।
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